पुष्यमित्र मुजफ्फरपुर को लेकर आप बहुत परेशान हैं? अगर हां तो इनमें से एक काम कीजिये- 1. सीधे मुजफ्फरपुर आईये,
Author: badalav
फूल और पत्तियां
पशुपति शर्मा/ आज फूल कर रहे थे बातें गुलाब, अपने रूप पर इतरा रहा था गेंदा, अपने गुणों का बखान
सबसे ज्यादा बेटियों को लील रही है चमकी… साथी हाथ बढ़ाना
बिहार: AES से मरने वालों में ज्यादातर गरीब हैं, गरीबों में भी ज्यादातर महादलित परिवार के लोग हैं और उनमें
55 घंटे बाद ‘मां’ ने पुकारा… बेटी को मेरी गोद में दे दो !
‘क्या मुझे इस बच्ची के बारे में कोई जानकारी दे सकता है ? हम गोद लेना चाहेंगे’… 14 जून 2019,
पत्रकारों की गिरफ्तारी ‘दमनकारी नीति’ का हिस्सा तो नहीं ?
पुष्य मित्र कई बार कुछ खबरें आपको बहुत कुछ बोलने पर मजबूर कर देती है, वहीं कुछ खबरें सन्नाटे में
शादी-विवाह में मैथिल संस्कृति की झलक
अरविंद दास वर्षों पहले किसी पत्रिका में एक लेख पढ़ा था- शादी हो तो मिथिला में। जाहिर है, इस लेख
लेखन और अभिनय के बीच के एक मजबूत पुल का टूटना
सचिन श्रीवास्तव गिरीश कर्नाड के निधन की खबर सुनकर पूरी दुनिया में उनके चाहने वालों की आंखें नम हो गईं
मुजफ्फरपुर में भूखों का पेट भरने वालों को धमकी क्यों ?
कुंदन कुमार के फेसबुक वॉल से साभार बीते दिनों मुजफ्फरपुर में लगातार हो रहे हत्या,लूट-डकैती,बालिका गृह कांड आदि जघन्य घटनाओं
विएना ओपेरा हाउस की वो शाम
सच्चिदानंद जोशी के फेसबुक वॉल से साभार हमारे रंगकर्म के गुरु प्रभात दा गांगुली जब मूड में होते थे तो
मुजफ्फरपुर में आज भी रची-बसी हैं कविवर रवींद्रनाथ टैगोर की यादें
वीरेंद्र नंदा मुजफ्फरपुर में सन् 1901 में रवीन्द्रनाथ टैगोर को दिये गये सम्मान-पत्र की बांग्ला प्रति की प्रतिलिपि रंगकर्मी स्वाधीन
