पुष्य मित्र JNU छात्रों के आन्दोलन के बीच कुछ लोग IIT-IIM का जिक्र लेकर आ गये हैं कि वहां की
Author: badalav
20 साल में कॉलेज बदला …लेकिन सुरेंद्र सर वैसै ही हैं
अरुण यादव कंक्रीट के जंगल में रहते हुए 13 बरस 9 महीने हो चुके हैं। दिल्ली में कदम रखने के
जब्बार भाई की सांसें छीन लीं, उनका आशियाना बख्शेंगे हम?
सचिन कुमार जैन जब्बार भाई बात मुआफ़ी के लायक तो नहीं है, पर फिर भी कहना चाहता हूँ मुआफ़ कर
मीडिया की पराली वाली धुंध में ‘सोलंकी वाली सांसें’
पशुपति शर्मा की फेसबुक वॉल से साभार सौम्यता, सरलता और सहजता… यूं तो ये व्यक्ति के बड़े गुण हैं लेकिन
ईश्वर का पथगमन
निखिले कुमार दुबे के फेसबुक वॉल से साभार दीवाली के बाद ईश्वर का पथगमनघर से निकाले गए फुटपाथ मे बैठे
कम फीस की कीमत तुम नहीं समझोगे साहब!
विभावरी के फेसबुक वॉल से साभार इलाहाबाद वि.वि. से एम.ए. करके आई एक निम्न मध्यवर्गीय लड़की के बतौर राजधानी के
मुजफ्फरपुर में 13 नवंबर को चमकी पर रिपोर्ट
बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरनगर 2019 में चमकी बुखार की मौतों ने हम सब को किस कदर परेशान किया था, यह आप
‘अफ़सरी’ या ‘मास्टरी’, अखिलेश के मन में कोई दुविधा न रही!
सामाजिक सरोकारों पर अर्थतंत्र कब हावी हो गया, ये कोई समझ ही नहीं पाया। समाज में आपकी पहचान अब आपके
नौकरी की तेरहवीं
पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार आज तेरहवीं हैकोई नहीं हैउसके साथवो अकेले सोच रहा हैअब क्या? उसनेनहीं रखाकोई‘श्राद्ध
गांधीजी की कल्पना का भारत और हमारा गांव
ब्रह्मानंद ठाकुर महात्मा गांधी की कल्पना का भारत स्वशासी ग्रामीण इकाइयों का था, गांधी और अराजकवाद के आलेख की कड़ी
