ब्रह्मानंद ठाकुर रामवृक्ष बेनीपुरी की आज 120 वीं जयंती हैं, 23 दिसम्बर 1899 में मुजफ्फरपुर में जन्मे बेनीपुरी बहुमुखी प्रतिभा
Author: badalav
अपनी पहचान खोता विदिशा का बासौदा नगर
पुरु शर्मा क्या वास्तव में हमारा शहर ऐसा ही था ? जैसी आज उसकी छवि पूरे प्रदेश में बन चुकी
चमकी बुखार की रिपोर्ट- नौनिहालों की मौत रोकने की एक कोशिश
ब्रह्मानंद ठाकुर मुजफ्फरपुर और इसके आस- पास के जिले वैशाली, सीतामढी, समस्तीपुर, शिवहर आदि प्रति वर्ष अप्रैल और मई महीने
‘ जंगली फूल’ और ‘साक्षी है पीपल’ की लेखिका यालाम का सम्मान
बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर अरुणाचल प्रदेश की हिन्दी लेखिका जोराम यालाम नावाम को उनके उपन्यास ‘ जंगली फूल’ और कथा संग्रह
भेड़ियों से घिरी बेटियां
पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार भेड़िया आया-भेड़िया आयावाले किस्से सेहमने बचपन मेंसीखा था सबकबार-बार का झूठकितना खतरनाक होता
बदलाव के रास्ते ‘उम्मीद की पाठशाला’ का सफर
शिरीष खरे उम्मीद की पाठशाला एक किताब भर नहीं बल्कि एक दस्तावेज है, जिसमें गोवा, महाराष्ट्र, मध्य-प्रदेश और छत्तीसगढ़ के
बाजारवाद के बीच जिंदा है ‘उम्मीद की पाठशाला’
बदलाव प्रतिनिधि इसी देश में जहाँ मध्यवर्ग के बच्चे एसी कमरे में ठाठ से पढ़ाई ही नहीं करते बल्कि उन्हें
जिंदा रहेगा जेएनयू
पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार तुम जिसेकुचलनेमसलनेऔर मिटा देने परआमादा हो…वो याद आएगाहमेशावो जिंदा रहेगाहमेशा जब कभीजुल्मो-सितम सेतुम
JNU को समझो और फिर जी चाहे तो लाठी बरसा लेना यारों!
रविकांत जेएनयू एक बार फिर से सुर्खियों में है। जेएनयू में न सिर्फ तीन सौ प्रतिशत फीस वृद्धि की गयी
सरकार कारोबारी बन रही है, JNU की जंग के मायने समझें
पुष्यमित्र अभी जिस ट्रेन से देहरादून से लौट रहा था, वह ट्रेन हावड़ा तक जाती है। जाहिर सी बात है,
