रविकांत चंदन प्रतिशोध, नफरत और ना उम्मीदी के बीच आयी एक अच्छी खबर ने नई रोशनी दी है। बनारस के
Author: badalav
गाँवन के गुनहगार अपने, आ कोसेला गाँव के
डॅा० जयकान्त सिंह ‘जय’ हमार गतर-गतर गँवई गरिमा के गवाही देला। रोंआँ-रोंआँ ओकरे रिनी (ऋणी) बा। हमार मन-मिजाज आ दिल-दिमाग
सरकारी स्कूल- केवल ढोल पीटने से ढोल फट जाएगा
मृदिक व्रतेश सरकारी और गैर-सरकारी, दो स्कूली दरबार। यहां व्यवस्था-अव्यस्था एवं सुविधा-असुविधा के अंतर का विभाजक बीज बोकर एक अद्भुत
खुश हो लो… सड़क प्रवीण तोगड़िया के नाम तो नहीं की
देवांशु झा के फेसबुक वॉल से औरंगजेब रोड पर संग्राम छिड़ा है। भला सड़क का नाम औरंगजेब से बदल कर
कोसी तो मोदी के ‘मौन’ पर सवाल करती है!
प्रधानमंत्री के हालिया बिहार दौरे को 10 दिन से ज़्यादा वक़्त गुजर गया है। इस दौरान मोदीजी के भारी भरकम
किस कोठरी में बंद है कोठारी आयोग की रिपोर्ट?
एपी यादव की रिपोर्ट देश में दिन दिनों समान शिक्षा की बहस चल रही है । अमीर-गरीब सभी के बच्चे
पब्लिक स्कूल से कहां पिछड़ गए सरकारी स्कूल ?
डॉ विनोद कुमार उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों की बदहाली के सिलसिले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले ने मानो उत्तर
स्कूल में समाजवाद… अइयो ज़रा-ज़रा हौले-हौले
राधे कृष्ण समान शिक्षा को लेकर देश की आज़ादी के बाद से ही मांग उठती रही है। सरकारें- वो केंद्र
गुरु कहे- ‘घंटालों’ से निपटें, तब तो बात बने
शरत कुमार इलाहाबाद हाई कोर्ट का सरकारी स्कूलों की दशा पर आया निर्णय ऐतिहासिक है। सरकारी स्कूलों की दुर्दशा का कारण नीति
