पुरुषोत्तम असनोड़ा उत्तराखण्ड की ‘जनता की राजधानी’ के नाम से विख्यात गैरसैंण में 2 नवम्बर से आयोजित विधान सभा सत्र
Author: badalav
बीजेपी का ‘चाणक्य’ क्यों फेल हो गया?
बिहार के चुनाव हो गए। नीतीश कुमार लगातार तीसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। लालू यादव की पार्टी दस साल
इस दिवाली भूल न जाना, कोई आपके भरोसे है!
सत्येंद्र कुमार यादव कहीं ऐसा ना हो बेटी धूप में जलती रहे और आप चीन के दीये जलाएं! इस दिवाली
एक और चांस पर नीतीश का डांस
दिल्ली के बाद बिहार में बीजेपी की बड़ी हार, फिर से नीतीश कुमार। एक बड़ी जीत के साथ नीतीश तीसरी बार बिहार
काश ! ‘कछुआ चाल’ से ही चल पड़े विकास की ‘ट्रेन’
पुष्यमित्र वैसे तो यह एक पैसेंजर ट्रेन की कहानी है जो बुलेट ट्रेन के जमाने में भी महज 16 किमी
इस ‘घाव’ को अब पक ही जाने दें!
सचिन कुमार जैन मैं दिल से चाहता हूँ कि बिहार में उनकी जबरदस्त जीत (विजय नहीं) हो। मैं चाहता हूँ कि
बिहार में किसकी दीवाली, किसका दिवाला?
अगर अग्जिट पोल सही हुए तो बिहार में किसकी दिवाली मनेगी और किसका दिवाला निकलेगा? फिलहाल सियासी दलों के लिए
क़ातिलों, ये खून का मिजाज है!
धीरेंद्र पुंडीर खून से सने खंजर को साफ करते हुए भीड़ के साथ नारा लगाया एक और काफिर मारा गया
मुज़फ़्फ़रनगर की ‘भारत मां’
अश्विनी शर्मा जिस मुजफ्फरनगर में धर्म के नाम पर मारकाट मची। जब लोग हिंदू-मुस्लिम के नाम पर मरकट रहे थे,
बाय-बाय बनैनिया ! तेरी हाय की फिक्र किसे है?
पुष्यमित्र महज पांच साल पहले कोसी नदी के किनारे एक खूबसूरत और समृद्ध गांव था बनैनिया। मिथिलांचल और कोसी के
