101अरुण यादव

पुलिस को लेकर हमारे जेहन में हमेशा एक नकारात्मक छवि ही रही है। लेकिन जरा सोचिए वही पुलिस आपके एक फोन पर हाजिर हो जाए और कहे कि आपकी समस्या अब हमारी जिम्मेदारी है तो कैसा लगेगा?  मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस की छवि को बदलने के साथ देश की सबसे हाइटेक पुलिस बनाने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है। 100 नंबर डायल कर आप प्रदेश के किसी कोने से पुलिस को अपने पास बुला लेंगे वो भी 15-20 मिनट के भीतर। यही नहीं युवा और होनहार पुलिसवालों की ये टीम तब तक आपके मामले को फॉलो करती रहेगी जब तक आप संतुष्ट नहीं हो जाते।यानी ठीक उसी तरह जैसे आपने मोबाइल कंपनी में ग्राहक सेवा प्रतिनिधि से बात की और अगले ही पल आपके मोबइल पर मैसेज आता है कि क्या आप प्रतिनिधि के व्यवहार से संतुष्ट है। क्या आप जानते हैं कि अगर आपने ना में रिप्लाय किया और आपकी तरह एक ही कर्मचारी के खिलाफ 3 लोगों ने शिकायत कर दी तो उसकी नौकरी खतरे में पड़ जाती है। ठीक उसी तरह यूपी पुलिस काम करने वाली है। कल तक जो थानेदार बार-बार गुहार लगाने पर शिकायत दर्ज नहीं करते थे, अब वो शिकायत के बाद आपके चक्कर काटने को मजबूर हो जाएंगे। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर यूपी 100 में ऐसा क्या है और ये काम कैसे करेगा ?

अब थाने का चक्कर लगाने के दिन गए !

uppolice-2पहले आपको अपनी समस्या लेकर थाने जाना पड़ता था लेकिन यूपी 100 सर्विस सक्रिय होने के बाद आपको थाने नहीं जाना पड़ेगा बल्कि पुलिस खुद आएगी । इसके लिए बस आपको 100 नंबर पर एक कॉल करनी होगी, जो टोल फ्री होगा। आपकी कॉल सीधे लखनऊ स्थित कॉल सेंटर में जाएगी, जहां अत्याधुनिक उपकरणों से लैस पूरी तरह प्रशिक्षित महिला कर्मचारी आपकी समस्या सुनेगी और आपकी शिकायत फौरन CAD (कंप्यूटर एडेड डिस्पैच ) तकनीकी से आपके इलाके में मौजूद PRV (पुलिस रिस्पॉन्स व्हिकल) को ट्रांसफर हो जाएगी और इस काम में महज 1-2 मिनट ही लगेंगे। यानी जब तक आप फोन पर अपनी सस्याएं बता रहे होंगे तब तक आपके इलाके में मौजूद 100 नंबर की गाड़ी को सूचना मिल जाएगी कि उसके इलाके से कोई शिकायत आ रही है और जैसे ही आप कॉल सेंटर का फोन काटेंगे आपके फोन की घंटी बजेगी और पुलिसवाला आपसे पूरी घटना की जानकारी लेगा। हालांकि इस बीच डायल 100 की गाड़ी आपके लोकेशन की ओर तेजी से बढ़ रही होगी यानी पुलिसकर्मी आपसे बात करते हुए घटनास्थल की ओर जा रहे होंगे। और ये सब मुमकिन होगा जीपीआरएस सिस्टम के जरिए जिसकी निगरानी लखनऊ स्थित सेंट्रल कमांड रूम में की जाएगी। अगर कोई पुलिसवाला शिकायत मिलने के बाद भी घटनास्थल की ओर रवाना नहीं हुआ तो उसे फौरन लखनऊ स्थित कंट्रोल रूप से फोन आ जाएगा लिहाजा ज्यादा से ज्यादा 15-20 मिनट में पुलिस की मदद आप तक पहुंच जाएगी ।up-100-new

अब सवाल है कि ये कैसे मुमकिन होगा कि इतनी जल्दी पुलिस घटनास्थल तक पहुंच जाए तो इसके लिए यूपी के हर जिले में 30 से 60 पुलिस की गाड़ियां तैनात की जा रही हैं जो हर पल इलाके में चक्कर काटती रहेंगी। यही नहीं हर PRV (पुलिस रिस्पॉन्स व्हिकल) का इलाका तय किया गया है कि वो किस एरिया में रहेगी। अगर कोई जिला ज्यादा ब़ड़ा है तो उसके लिए अधिक गाड़ियों का इंतजाम भी किया गया है, जिन इलाकों में रास्ते की कमी होगी वहां के लिए बाइक सवार पुलिसवाले तैनात किए गए हैं। यूपी सरकार ने इसके लिए फिलहाल 3200 फोर व्हिलर और 1600 टू व्हिलर गाड़ियों का इंतजाम किया है। यानी यूपी के 75 जिलों में किसी भी हालत में 30 से 50 गाड़ियां तैनात रहेंगी। यूपी पुलिस को मुस्तैद करने के लिए सेंट्रल कंट्रोल रूम की तरह ऑपरेशनल मिररिंग सेंट्रर भी डेवलप किया जा रहा ताकि किसी वजह से आपकी कॉल वेटिंग शो करे तो तुरंत कॉल मिररिंग सेंटर को ट्रांसफर कर दी जाए ताकि पीड़ित को बिना देर किए सुविधाएं मिल सकें।

uppoliceयूपी 100 की टीम आपके पास जैसे ही पहुंचेगी पूरी जिम्मेदारी उसकी हो जाएगी। यानी अगर कोई सड़क हादसा हुआ है तो इसके लिए PRV में स्ट्रेचर से लेकर फर्स्ट एड बॉक्स का पूरा इंतजाम रहेगा यानी प्राथमिक उपचार ट्रेंड पुलिसवाले तुरंत करेंगे और उसके बाद जरूरत हुई तो अस्पताल तक ले जाएंगे। अगर पुलिस केस बनता है तो उसकी सूचना वो खुद स्थानीय थाने को देंगे और तब तक इस केस को फॉलो करेंगे जब तक आप संतुष्ट न हो जाएं या आपके केस का निपटारा न हो जाए। खास बात ये है कि इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग यूपी 100 की टीम खुद करेगी जिससे बाद में कोई सबूतों से छेड़छाड़ ना कर सके। इस पूरी प्रक्रिया के बाद ही संबंधित थाने को एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपी जाएगी जिसके आधार पर स्थानीय पुलिस जांच को आगे बढ़ाएगी। ये सभी सबूत डाटा सेंटर में सुरक्षित रहेंगे।

इसी तरह अगर किसी दंगा फसाद या फिर हत्या, बलात्कार का केस होगा तो पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ यूपी 100  की टीम काम करेगी । इसके लिए पुलिसवालों को बाकायदा ट्रेनिंग दी गई है। मसलन बातचीत के तरीके से लेकर टेक्निकल ट्रेनिंग तक सभी चीजों पर ध्यान दिया गया है। प्राथमिक उपचार से लेकर पुलिस की गाड़ी में मौजूद उपकरणों को हैंडल करने से जुड़ी हर जानकारी दी गई है। हर PRV में कम से कम 4 पुलिसवाले तैनात किए गए हैं, जिनकी संख्या जल्द ही बढ़ाकर 6 कर दी जाएगी।

इसके बाद भी अगर आपको PRV (पुलिस रिस्पॉन्स व्हिकल) या फिर संबंधित थाने पर उचित रिस्पॉन्स नहीं मिलता है या फिर केस को लेकर आपको लगता है कि आपको परेशान किया जा रहा है तो उसकी शिकायत आप दोबारा यूपी 100 पर कर सकते हैं जिसकी जांच तुरंत होगी साथ ही संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट तलब कर जिम्मेदार पुलिसवाले पर कार्रवाई भी की जाएगी।up-100-new2

बड़ी से बड़ी आपदा में भी बंद नहीं होगी यूपी 100 सेवा

खास बात ये है कि यूपी 100 नंबर से लेकर PRV में तैनात पुलिसवाले से आपकी बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग कंट्रोल रूप में रिकॉर्ड रहेगी । इसे करीब एक साल तक सुरक्षित रखा जाएगा । इसके लिए लखनऊ में सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया गया है । जो किसी भी आपदा में काम करना बंद नहीं करेगा। यानी प्रदेश में कोई बड़ी आपदा आ जाए तो भी यूपी 100 सेवा चलती रहेगी । इसके लिए बेंगलुरु में एक डाटा सेंटर भी बनाया गया है जिसमें पूरा रिकॉर्ड 2 साल तक सुरक्षित रहेगा। आपदा के वक्त बिजली का संकट होने पर ‘यूपी100’ को इलाहाबाद और गाजियाबाद कंट्रोल रूम से पॉवर सप्लाई का इंतजाम किया गया है। यानी यूपी पुलिस को ऐसी ऐसी हाईटेक्नॉलाजी से लैस किया गया है जो देश में किसी भी राज्य की पुलिस के पास नहीं है । यही नहीं यूपी 100 सेवा दुनिया की सबसे बड़ी सेवा है जो एक साथ करीब 20 करोड़ की आबादी को एक नंबर पर सुविधा देगी। यूपी 100 के जरिए के साथ 102, 108 और 1090 सुविधा को भी अटैच करने का काम चल रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा ।


अरुण यादव। उत्तरप्रदेश के जौनपुर के निवासी। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र। इन दिनों इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सक्रिय।

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