काले लिबास वाला

काले कपड़े पहनने का शौक़ । सादगी पसंद, बेबाक़ी से अपनी राय रखना उनकी आदत । अपनी फ़िल्मों से लेकर उनके डायलॉग तक हर जगह उनकी छाप दिखती है । […]Read More »

वंशीपचडा-वह गांव जिसने रामबृक्ष को बेनीपुरी बना दिया

ब्रह्मानंद ठाकुर एक नन्हा -सा टुअर बालक जिसकी मात्र 4 साल की उम्र में मां मर गयी और जब वह 9 वर्ष का था तो पिता भी साथ छोड़ गए। […]Read More »

हमारा शिक्षा तंत्र और कबीर की उलटबांसी

ब्रह्मानंद ठाकुर आज शिक्षक दिवस है। मैं शिक्षक रहा हूं और सरकार, प्रशासन और समाज द्वारा शिक्षकों के प्रति जो उपेक्षात्मक भाव रहा है, उसे काफी निकट से देखा है। […]Read More »

बिहार में बाढ़ के देवदूत

बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर बिहार में हर तरफ बाढ़ से त्राहिमाम त्राहिमाम हो रहा है । सैलाब के आगे जिंदगी बेबस और लाचार हो गई है, लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं […]Read More »

इसी गांव में कभी लूटी गई खाट, अब बाढ़ में राहत सामग्री की लूट !

देवरिया जिले की रुद्रपुर तहसील के 52 गांव बाढ़ से की जद में हैं । बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए सीएम का दौरा था । लेकिन भारी […]Read More »

मुजफ्फरपुर में बाढ़ का तांडव जारी

बदलाव प्रतिनिधि, मुज़फ्फ़रपुर बिहार के मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक का रजवारा बांध  टूटने से पिछले पांच दिन से गांवों में बाढ़ के हालात हैं । कई प्रखंडों में स्थिति विकराल […]Read More »

एक बार देवरिया भी आइये सीएम साहेब ताकि खुल जाए प्रशासन की नींद !

प्रदीप श्रीवास्तव एक ऐसा गाँव जो दो जनपदों से सटा हुआ है, जहाँ एक जनपद के दो भाजपा सांसद समेत भाजपा विधायक है तो दूसरे जनपद के हैं सूबे के […]Read More »

मुंशियारी में मिल गए टीना और अंकित

बदलाव प्रतिनिधि, गाज़ियाबाद गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर 6 से गायब बच्चों का सुराग मिल गया है। उत्तराखंड के मुंशियारी के होटल में दोनों बच्चे पहुंच गए थे। मीडिया में खबरें […]Read More »

बाढ़ से मिल कर लड़ेंगे साथी

पुष्यमित्र बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ ही रही है। 17 अगस्त शाम तक कि रिपोर्ट के मुताबिक लगभग एक करोड़ (98 लाख) की आबादी बाढ़ की जद में आ गयी। प्रभावित […]Read More »

मशरूम की खेती के लिए जौनपुर में लगी बदलाव की चौपाल

बदलाव प्रतिनिधि, जौनपुर बदलाव की चौपाल धीरे-धीरे ही सही लेकिन पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है । टीम बदलाव की पहल पर बुधवार दिनांक 16 अगस्त को जौनपुर […]Read More »

बिहार में बाढ़ की आपदा और कुछ मौजूं सवाल

पुष्यमित्र लगभग पूरा उत्तर बिहार इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में है। नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के इलाके भी ऐसी ही स्थितियों का सामना कर रहे हैं। ज्यादा असर […]Read More »

मासूमों की मौत और 'राष्ट्रवादियों' की बेशर्मी

धीरेंद्र पुंडीर इस देश में अगस्त के महीने से पहले ही पूरे देश में तैयारी शुरू हो जाती है क्योंकि इसी महीने में देश का सबसे बड़े त्यौहार यानि स्वतंत्रता […]Read More »

गोरखपुर में मासूमों की मौत हुई या फिर सिस्टम की ?

अरुण प्रकाश गोरखपुर में मासूमों की मौत पर पूरे देश में गुस्सा है और होना भी चाहिए । अब वक्त आ गया है जब हमें और आपको समान स्वास्थ्य और […]Read More »

शहीद खुदीराम बोस की स्मारक की सुध कब लोगे सरकार ?

ब्रह्मानंद ठाकुर 11 अगस्त 1908 की वो तारीख जिसे देश कभी भूल नहीं पाएगा क्योंकि ये वो दिन जब एक आजादी के मतवाले ने भारत मां के लिए हंसते-हंसते फांसी […]Read More »

कर्ज़ माफ़ी के इंतज़ार में हर दिन मर रहा किसान !

आशीष सागर उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है । प्रधानमंत्री मोदी हों या फिर सीएम योगी । अखिलेश यादव हों या फिर राहुल गांधी या […]Read More »

ऐ गांव विकास चाहता है, बता तेरी जाति क्या है?

आशीष सागर दीक्षित हिंदुस्तान आजादी की 70वीं सालगिरह मनाने जा रहा है। एक बार फिर देश के मुखिया लालकिले की प्राचीर से गांव को शहर बनाने का सपना दिखाएंगे। ऊर्जा […]Read More »

झारखंड पुलिस से सवाल- ये खुदकुशी है या हत्या?

बदलाव प्रतिनिधि मामला 3 जुलाई 2017 का है। शिव सरोज कुमार ने एक सुसाइड नोट पीएम मोदी और झारखंड के सीएम को भेज कर खुदकुशी कर ली। सरोज कुमार ने पुलिस पर […]Read More »

'शिक्षा के बिना समाज में बदलाव मुमकिन नहीं'

ब्रह्मानंद ठाकुर हिन्दी का शायद ही कोई  ऐसा विरला साहित्यकार होगा जिसकी जयंती उसके निधन के 81 साल बाद भी इतनी शिद्दत से मनायी जाती हो।  प्रेमचंद जयंती समारोह समित […]Read More »

खाये पिये कुछ नहीं, गिलास फोड़े बारह आना

राकेश कायस्थ अक्टूबर 2015 की बात है। बिहार के चुनावी तमाशे के बीच अचानक एक एमएमएस सामने आया। औघड़ सरीखे एक मैले-कुचैले बाबाजी हाथ उठाकर कह रहे थे— लालू यादव […]Read More »

बिहार में महागठबंधन टूटने पर किसने क्या कहा ?

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में जुड़ने के लिए नीतीश कुमार जी को बहुत-बहुत बधाई। सवा सौ करोड़ नागरिक ईमानदारी का स्वागत और समर्थन कर रहे हैं । देश के, विशेष […]Read More »

अल्लाह के नेक बंदों ने बचा ली एक ज़िंदगी

साजिद अशरफ फेसबुक पोस्ट, मध्यरात्रि 27 जुलाई 2017। अभी-अभी नोएडा गौतमबुद्ध चौक के पास इस शख्स का एक्सिडेंट हुआ है। हेड इंजुरी है। ये शख्स पिछले दस मिनट से तड़प […]Read More »

समान शिक्षा के लिए सिर्फ नीति नहीं, नीयत होनी चाहिए

ब्रह्मानंद ठाकुर आजादी के 70 बरस बाद भी हिंदुस्तान में ना तो शिक्षा आम आदमी तक पहुंच सकी और ना ही स्वास्थ्य । ऐसा नहीं है कि हमारे देश में […]Read More »

देवरिया पुलिस की शानदार पहल..लेकिन कुछ सवाल हैं ?

न्यूज चैनल, अखबार, सोशल मीडिया में पुलिस के नाकारात्मक पक्ष की खबरें ज्यादा चलती हैं । वजह भी साफ है लेकिन जब कोई पुलिसवाला अच्छी पहल करता है तो उसकी […]Read More »

दोहरा के नशे के ख़िलाफ़ एक बड़ी जीत

बदलाव प्रतिनिधि, जौनपुर अगर कुछ करने का जुनून और जज्बा हो तो आपको मंजिल तक पहुंचने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती। लड़ाई बड़ी हो या छोटी बस […]Read More »

सीए की पढ़ाई छोड़ 'गोबर के गणित' में मारी बाजी

साभार- इफको लाइव हौसला और हुनर हो तो इंसान क्या कुछ नहीं कर सकता। यूपी के बरेली का एक होनहार सीए की पढ़ाई पूरी करने की बजाय खेत में पसीना बहाने […]Read More »

हज़ारों 'मंजू' आपकी एक पहल से घर लौट सकती हैं!

साजिद अशरफ ये बच्ची मुझे नोएडा के सूरजपुर चौक के पास लावारिस हालात में मिली। ये अपना नाम शायद मंजू बता रही थी। इसकी भाषा मैं ठीक से समझ नहीं […]Read More »

दाल उत्पादन में आत्म निर्भर होने का फॉर्मूला क्या है?

दलहनी फसलों का उत्पादन न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की एक गम्भीर समस्या है। सरकार के लाख प्रयास के बावजूद देश दाल के उत्पादन के मामले में अब तक  […]Read More »

बड़ों की कविताएं-छंद, बच्चों के किस्से चंद

बदलाव प्रतिनिधि, ग़ाज़ियाबाद रविवार, 25 जून ,2017 को वैशाली, गाजियाबाद के सेंट्रल पार्क में “पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” तैतीसवीं साहित्यिक गोष्ठी संपन्न हुई। उमस और बदली से घिरे […]Read More »

योगी राज में अवैध खनन का खुला खेल!

आशीष सागर दीक्षित यूपी में योगी सरकार अपना शतक पूरा कर चुकी है । सरकार के 100 दिन का लेखा-जोखा पेश करने के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी मीडिया से रूबरू […]Read More »

हाईब्रिड बीज के मायाजाल से कैसे निकले किसान?

ब्रह्मानंद ठाकुर ये कैसी विडंबना है कि देश का किसान जो हर हिंदुस्तानी का पेट भरता है आज वही मर रहा है। सरकार की नीतियों के बोझ तले दबकर किसान […]Read More »

देवरिया में बदलाव बाल क्लब की कार्यशाला का समापन

बदलाव प्रतिनिधि, देवरिया बदलाव बाल क्लब की कहानी कार्यशाला- आओ पढ़े सुने और सुनाएं किस्से का समापन औपचारिक रुप से तो 18 जून को दिल्ली-गाजियाबाद और मुजफ्फरपुर में हो गया, […]Read More »

मांगू मांगू मांगू दुलहा...हाथी घोड़ा गइया हे !

अभी शादी-विवाह का मौसम चल रहा है। लिहाजा इस अवसर पर नाना प्रकार के गीतों के स्वर फिजां में तैर रहे हैं। देर रात से सुबह तक ये गीत ध्वनि […]Read More »

मीडिया का राष्ट्रवाद 'पनछुछुर' है- विनीत कुमार

एम अखलाक कारोबारी मीडिया का राष्ट्रवाद पनछुछुर है। इसका राष्ट्रवाद आर्थिक गलियारों से होकर गुजरता है। इस राष्ट्रवाद में मुगालते और गलतफहमियां हैं। इस पनछुछुर राष्ट्रवाद को फिर से परिभाषित […]Read More »

मेरी नज़र से देखें तालों का शहर नैनीताल

तन्मय बदलाव बाल क्लब की कार्यशाला में मैं तीन दिन अनुपस्थित रहा। दरअसल मैं एक दूसरे बदलाव को महसूस करने में लगा था। ये बदलाव भी कम रोचक नहीं था। […]Read More »

मलेशिया में गुम हुआ मुज़फ़्फ़रपुर का लाल

ब्रह्मानंद ठाकुर आखिर कहां है मेरा लाल ? जिंदा भी है या दरिंदों ने उसकी हत्या कर समुद्र में फेंक दिया ? कोई मुझे मेरे बेटे का पता लगा दे। […]Read More »

यूपी के देवरिया और औरंगाबाद के बारपा में बही 'बदलाव' की हवा

टीम बदलाव बदलाव बाल क्लब की कहानी कार्यशाला- आओ पढ़े सुने और सुनाएं किस्से, हर दिन के साथ परवान चढ़ने लगी है । देश की राजधानी से निकली बदलाव की […]Read More »

चाँद मामा हंसुआ द

बदलाव प्रतिनिधि जैसे जैसे दिन बीतता जा रहा है..बदलाव बाल क्लब की कार्यशाली परवान चढ़ती जा रही है । मुजफ्फरपुर में बदलाव बाल क्लब की पाठशाला के तीसरे दिन बच्चों […]Read More »

मंदसौर किसान आंदोलन: सच और झूठ

संजय रोकड़े मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में किसानों के साथ जो भी हुआ वह लोकतंत्र ही नही बल्कि प्रदेश की शिवराज सरकार पर भी काला दाग साबित हुआ है। जिन […]Read More »

वो बोली- ये मेरी जिंदगी बर्बाद कर सकता है और बारात लौट गई

एस के यादव कभी कभी हमारे बीच से ऐसी खबरें सामने आती हैं जो सोचने पर मजबूर कर देती हैं । समझाने से कोई नहीं समझता तो घटनाएं उसे सबक […]Read More »

आंसुओं से नज़रें चुराकर हंसने का हुनर देखिए ।

JEE ADVANCED 2017 की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के लिए चर्चित संस्थान सुपर-30 के सभी 30 छात्रों ने इस साल आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) में सफलता पाई है। […]Read More »

कितने संपादक 'गणेश विधि' से LIVE टेस्ट को तैयार हैं?

मनीष कपूर के फेसबुक वॉल से ज्यादातर हिंदी न्यूज चैनलों के संपादक बिहार के हैं। जाहिर है उनमें से ज्यादातर ने बिहार बोर्ड की परीक्षा पास की होगी। उन्हें वो […]Read More »

पहले किसी दुल्हन के साथ ऐसा नहीं हुआ होगा ?

बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर दुल्हन बनी जूली के सारे अरमान धरे रह गये। आरोप है कि शादी के दो घंटे बाद पुलिस ने कोहवर से जूली को घसीट कर बाहर निकाला। उसे […]Read More »

पूर्णिया के 'ड्रीम कैचर' का सपना सच होने को है!

एपी यादव आम इंसान हो या फिर खास, गरीब या फिर अमीर हर किसी में एक समानता जरूर होती है और वो है ड्रीम यानी सपना। वो सपना जो जिंदगी […]Read More »

साबुन-शैंपू का अधूरा सच और साहबों की चोंचलेबाजी

सत्येंद्र कुमार यादव पिछले 3 दिन से एक ख़बर बार-बार नजरों के सामने आ रही है। सोशल मीडिया में इसकी कई तरीके से व्याख्या की जा रही है। कोई शुद्धिकरण […]Read More »

चंबल के 'क्रांतिवीरों' के नाम जनसंसद

चंबल प्रतिनिधि, बदलाव चंबल नाम सुनते ही हर किसी के जेहन में डाकुओं के आतंक की कहानी कौंधने लगती है, लेकिन बहुत कम लोग ही होंगे जो चंबल के गौरवमयी […]Read More »

गंगा की गोद में कंक्रीट के जंगलों के बाशिंदे

सत्येंद्र कुमार यादव जेठ की दुपहरी और गांव में पीपल की शीतल छाया में करीब 10 दिन गुजारने के बाद जब पिछले हफ्ते दिल्ली लौटा तो मन उदास सा रहने […]Read More »

सिर्फ दिखावे से नहीं बदलेगी सूबे की सूरत सीएम साहब !

आशीष सागर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इन दिनों प्रदेश भ्रमण पर हैं । वैसे तो वो पिछले कई बरस से यूपी की सियासत में अपनी छाप छोड़ते रहे हैं […]Read More »

स्वेक्षा- सुरों के सुरीले सफ़र की शुरुआत

लखनऊ प्रतिनिधि, बदलाव कविवर रविन्द्र नाथ टैगोर के 127वाँ जयंती के अवसर पर Bengali Club &Young men’s Association, Lucknow की ओर से रविन्द्र संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रविन्द्र […]Read More »

महानंदा के ठांव, दो चदरा की नाव

भूषण चौंकिए मत। यह जो चित्र आपके सामने है यह एक नाव का है। एक बड़ी नाव जितना काम कर सकती है उतनी ऊर्जा और उतने समय में उस से […]Read More »

पूर्णिया के धनखेता बन गए मक्का लैंड

पुष्यमित्र अगर आज हमारे कोसी के इलाके में दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे की शूटिंग हुई होती तो शाहरुख और काजोल सरसों के बदले मक्के के खेतों में रोमांस करते नजर […]Read More »

सतीश अब गाय नहीं पालेगा !

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारे देश की सियासत कुछ ऐसी हो चली है कि अब वो आपके निजी जीवन में दखल देने लगी है । हम क्या खाएंगे, क्या पीएंगे, क्या पहनेंगे […]Read More »

'ट्रेजर' की दुख की यात्रा 28 को...

“भारतीय किसान कर्ज में ही जन्म लेता है और उसी स्थिति में मर जाता है” ‘दुख की यात्रा’ एक संकल्पनात्मक नाटक है, जो किसानों की खुदकुशी पर आधारित है । […]Read More »

जीवन के संघर्षों से जिसने सीखा समाजवाद का पाठ

ब्रह्मानंद ठाकुर आम, कटहल,नींबू और अमरुद की घनी छांव तले एक छोटा सा घर । जिसका नाम है चमेला कुटीर । प्रकृत की गोंद में बना चमेला कुटीर किसी ऋषि […]Read More »

सुलखान सिंह- एक ईमानदार अफ़सर का 'लईया-चना' याद है!

धीरेंद्र पुंडीर सुलखान सिंह नए डीजीपी। लगता नहीं था कि कोई इतने ईमानदार अफसर को कभी कमान देगा। लखनऊ में खबर करने गया था। सोचा चलो एक दो अफसर से […]Read More »

रंगमंच की दुनिया में ग्वालियर शहर की धमक

संगम पांडेय ग्वालियर के नाट्य मंदिर प्रेक्षागृह में जाने से लगता है मानो आप वक्त के किसी लंबे वक्फे का हिस्सा हों। यहाँ की दीवारों, कुर्सियों, पंखों तक में कई […]Read More »

मजहब नहीं सिखाता, 'गांधीवाद' से बैर रखना!

ब्रह्मानंद ठाकुर बिहार के मुजफ्फरपुर का मझौलिया गांव कभी हथकरघा उद्योग के लिए जाना जाता था। आज यहां काफी कुछ बदल गया है। एक-दो परिवार हैं जो हथकरघा को जिंदा रखे […]Read More »

गांधीवाद ही है आखिरी विकल्प- सच्चिदानंद सिन्हा

ब्रह्मानंद ठाकुर पूरी दुनिया आज बाजार बन गयी है। पूंजीवाद ने पूरी दुनिया को बारूद की ढेर पर लाकर खड़ा कर दिया है। मानवता खतरे में है। लोक से निरपेक्ष […]Read More »

महिला उत्पीड़न के ख़िलाफ़ फाइटिंग सेंटर बने 'शीरोज़'

रश्मि गुप्ता रूपाली की कैब आने में देरी हो रही थी और मैं भी अपनी कार का इन्तजार कर रही थी। कबीरा जंक्शन की प्रस्तुति अभी ख़त्म हुई थी। रूपाली […]Read More »

चंपारण के 100 साल, आज तो कर लो गांधी को याद

ब्रह्मानंद ठाकुर मौसम भी है और मौका भी।  इसमें जो चूक गया, वह पछताएगा। भले ही गांधी की हत्या किसी एक ने की थी लेकिन पिछले 70 सालों से उनके […]Read More »

जानिए मशरूम की खेती का आसान तरीका

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारे देश का अन्नदाता बदहाल है, लेकिन सरकारें खुशहाल । कोई किसानों की कर्जमाफी का वादा करता है तो कोई बिजली का बिल माफ करने का भरोसा देता […]Read More »

बदलाव के पहले अतिथि संपादक ब्रह्मानंद ठाकुर

ब्रह्मानंद ठाकुर का जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जनवरी 1952 में निम्न मध्यम वर्ग परिवार में हुआ । पढ़ने के साथ पत्र-पत्रिकाओं में लिखने का शौक बचपन से रहा है […]Read More »

पूर्णिया के रुपौली में डायन बता कर मार डाला!

पुष्यमित्र मैं यह शब्द इस्तेमाल नहीं करना चाहता था, मगर मजबूरी में करना पड़ा कि हमारे गंवाई समाज की जहालत खत्म होने का नाम नहीं ले रही। पूर्णिया जिले के […]Read More »

किसान कर्ज माफी... ये वादे हैं वादों का क्या ?

आशीष सागर यूपी में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला तो इसके पीछे किसानों का बहुत बड़ा योगदान रहा । केंद्र से लेकर प्रदेश तक सदन केसरिया रंग से रंगा है, […]Read More »

विकास की अंधी दौड़ में बिगड़ रहा गांव का ताना-बाना

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारा गांव अब पूरी तरह से वैश्विक बाजार के हवाले हो गया है। खाने-खाने-पीने की चीजों से लेकर ओढना-बिछौना, रेडिमेड से लेकर थान वाले कपड़े, जूते- चप्पल, ऋंगार […]Read More »

ये डर ग़लत साबित कर पाएंगे योगीजी?

प्रिय आदित्यनाथ योगी जी , मेरा नाम विनोद कापड़ी है। अच्छा लगता है, इसलिए थोड़ी बहुत पत्रकारिता करता हूँ और छोटी मोटी फिल्में बनाता हूँ। आपकी तरह एक हिंदू परिवार […]Read More »

दोहरा बिगाड़ रहा जौनपुर वासियों की सेहत

विकास तिवारी शिराज-ए-हिंद जौनपुर वीर सपूतों की धरती है । शेर शाह सूरी से लेकर आधुनिक युग में जौनपुर शिक्षा में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है । शिक्षा शिराज-ए-हिंद की […]Read More »

पुंडीर राजपूतों का रोम है देवबंद!

धीरेंद्र पुंडीर आंख का अँधा मीडिया और नफरत में डूबे लोग देवबंद को झूठ लिख रहे हैं। देवबंद से दो बार को छोड़ कर ज़्यादातर हिदू राजपूत विधायक रहे हैं। पुंडीरों […]Read More »

कटरा को सांसद गोद तो लिए हैं लेकिन 'आदर्श' कुछ भी नहीं है !

आशीष सागर दीक्षित केंद्र में बीजेपी की सरकार आई तो प्रधानमंत्री मोदी ने देश के गाँवो को बड़ा सपना दिखाया। उन्होंने अपने साथ-साथ सभी निर्वाचित सांसद के लिए निर्वाचन क्षेत्र […]Read More »

मैले-पुराने कपड़ों के सहारे बिहार के 83 फीसदी महिलाओं की माहवारी

पुष्यमित्र मधुबनी जिले की एक महिला पेट दर्द से काफी परेशान थी. स्थानीय डॉक्टरों से दिखाया तो बताया गया कि यूटरस में कुछ है. उसे पटना रेफर कर दिया गया. […]Read More »

कहीं दर्जनों फ्लाईओवर, कहीं एक अदद पुल की जंग

⁠⁠⁠पुष्यमित्र फरकिया के ढेंगराहा पुल की लड़ाई अभी शुरू हुई है। हो सकता है इन्हें जल्द सफलता मिल जाये, हो सकता है बरसों लग जाये और क्रमवार तरीके से इन्हें […]Read More »

कंट्रोल रूम से कभी बतिया भी लीजिए अखिलेशजी

ऋषि कांत सिंह सुबह का वक़्त था। आज नोएडा एक्सप्रेसवे से होकर ऑफिस जा रहा था। अचानक दो गाड़ियों की टक्कर हो गयी और 2 लोग बुरी तरह घायल हो […]Read More »

सोशल इंजीनियरिंग की सियासी 'माया'

पीयूष बबेले पिछले अंक में आपने पढ़ा कि किस तरह कांशीराम के संघर्षों से बीएसपी दलित वर्ग में अपनी पैठ बना चुकी थी । 1993 में समाजवादी पार्टी के साथ […]Read More »

गंगा के दियारे में अफीम की खेती का सच क्या है?

⁠⁠⁠मोहन मंगलम कुछ साल पहले राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की टीम ने गंगा दियारे का दौरा कर दियारे की धरती को मशरूम उत्पादन के लिए उपयुक्त बताया था। इसके […]Read More »

काश ! एक माइक जनता की तरफ भी होता...

आशीष सागर दीक्षित (फेसबुक वॉल से) ” तुम बतलाते रहे अपने काम के नजराने इस कदर अखिलेश, कि एक हम मैदान में जार-जार रो रहे थे… ” मुख्यमंत्री अखिलेश यादव […]Read More »

लोकल चेहरों से क्यों डरती है मोदी-शाह की जोड़ी?

पुष्यमित्र पंजाब, यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में चुनावी मौसम। कहीं अखिलेश-राहुल जलवा बिखेर रहे हैं तो कहीं केजरीवाल-भगवंत मान की चर्चाएं होती रही। इन पांचों राज्यों में मोदी-अमित शाह घूम-घूम […]Read More »

बटन दबते ही धड़कन तेज़ !

रवि किशोर श्रीवास्तव कतार घट चुकी थी, एकआध लोग ही बचे थे। पोलिंग बूथ के अधिकारी और कर्मचारी रवानगी की तैयारी कर रहे थे। शाम भी दस्तक देने को तैयार […]Read More »

17 बरस के हो गए गिरीश मिश्र के 'क्रांति-सूत्र'

आनन्दवर्धन प्रियवत्सलम 4 फरवरी को पटना के बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के दफ्तर में दर्जनों पत्रकार जुटे। गिरीश मिश्र को याद किया और कई पुरानी यादें शेयर कीं।  नोएडा में […]Read More »

मुद्रा स्कीम में लोन हासिल करना ही बड़ी चुनौती-पीड़ित

‘यहां तक आते-आते सूख जाती हैं नदियां, मुझे मालूम है पानी कहां ठहरा होगा । वैसे तो कवि दुष्यंत ने ये लाइन कई बरस पहले लिखी लेकिन इसकी प्रासंगिकता आज […]Read More »

तमाशा-ए-नौटंकी फुल इंटरटेन्मेंट की फुल गारंटी

पशुपति शर्मा भारत रंग महोत्सव धीरे-धीरे परवान चढ़ने लगा है। पहले हफ़्ते में कुछ प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीता लेकिन कुछ प्रस्तुतियों ने बेहद निराश भी किया। ऐसे में […]Read More »

भुईली के 'रायबहादुरों' ने दिल्ली में लिया बड़ा संकल्प

संजीव कुमार सिंह सिर मुड़ाते ही ओले पड़ने की कहावत खूब सुनी है, लेकिन इस बार अपने अरमानों पर ओले पड़े। 26 जनवरी को इंद्र महाराज ने न जाने किसका […]Read More »

फूस की झोपड़ी में छिपा कोसी का दर्द

पुष्यमित्र कोसी के तट पर बसे लोगों का दर्द वही समझ सकता है जो या तो वहां रहता हो या फिर वहां के लोगों को के दर्द की बीच कुछ […]Read More »

मुजफ्फरपुर के किसानों की उम्मीदों पर 'पाला' मार गया

ब्रह्मानंद ठाकुर पूरा उत्तर भारी पिछले 15 दिनों से भीषण ठंड की चपेट में है । पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी देखने को […]Read More »

आरक्षण की आग में कहीं जल न जाए बीजेपी का 'सपना'

अरुण प्रकाश यूपी चुनाव से पहले आरक्षण का जिन्न एक बार फिर ‘RSS की बोतल’ बाहर आ चुका है । बस फर्क इतना है कि बिहार चुनाव के दौरान संघ […]Read More »

'शिक्षा के दंगल' में बिहार की बेटियां गुजरात पर भारी

ब्रह्मानंद ठाकुर बालिका शिक्षा के मामले बाईब्रेन्ट गुजरात की असलियत क्या है, यह आ़ंकड़े बता रहे हैं। जहां बिहार ने पिछले 10वर्षों में बालिका शिक्षा के क्षेत्र में ऊंची छलांग […]Read More »

जिसे बगावत ने बनाया 'समाजवाद' का 'सितारा'

अजीत अंजुम के फेसबुक वॉल से इतिहास –पुराण और परंपरा इस बात का गवाह है कि हर दौर में जमाने ने ऐसे ही बेटे को हीरो माना जिसने हर हाल […]Read More »

राष्ट्रवाद के रथ पर सवार 'चक्रधारी' नारायण...नारायण !

राकेश कायस्थ चुनावी रणभेरी बजी, सेनाएं सजी और नारायण प्रकट हो गये। प्रकट ही नहीं हुए बल्कि ‘राष्ट्रवाद’ के रथ पर सवार हो गये। सारथी बनकर नहीं, योद्धा बनकर भी […]Read More »

कितने पत्रकारों की हत्या के बाद जागेगी सरकार?

पुष्यमित्र घुमक्कड़ पत्रकारिता की अपनी नौकरी की वजह से अक्सर ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकार साथियों से मिलना-जुलना होता रहता है। कुछ साथियों के घर भी चला जाता हूँ। पिछले दिनों […]Read More »

मुलायम-अखिलेश की मुलाकात का ‘घोषणा पत्र’

टीम बदलाव मंगलवार का दिन समाजवादी परिवार में दंगल में मंगल लेकर आया क्योंकि कई दिन बात मुलायम और अखिलेश के बीच मुलाकात हुई । मुलायम सिंह से उनके घर […]Read More »

गांवों में छत्तीसगढ़ी फिल्मों का संसार

बरुण के सखाजी सीमित संसाधन, प्रचुर व्यावसायिकता के अभाव के बावजूद व्यापक दर्शक वर्ग से बात करता छत्तीसगढ़ी फिल्मों का संसार जितना क्षमतावान है उतना उसे दायरा नहीं मिल पा […]Read More »

एक महान साहित्यकार की दम तोड़ती विरासत !

ब्रह्मानंद ठाकुर मुज़फ्फरपुर जिले के औराई प्रखण्ड में आने वाले जनाढ पंचायत का एक गांव है बेनीपुर जो समाजसेवी, पत्रकार और साहित्यकार बेनीपुरी के नाम पर पड़ा है । 23 […]Read More »

पटना में प्रकाशोत्सव की रौनक

पुष्यमित्र पटना साहिब दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है । हर तरफ प्रकाशोत्सव की तैयारियां चल रही हैं । आखिर गुरु गोविंद सिंह की 350वीं वर्षगांठ जो है । […]Read More »

8 घंटे की नौकरी और पगार महज 42 रुपये

ब्रह्मानंद ठाकुर मुंशी प्रेमचंद की कहानी सद्गति का किरदार घासीराम हो या फिर रामवृक्ष बेनीपुरी के ‘कहीं धूप कहीं छाया’ का ‘बाबू साहेब’ दोनों तत्कालानी सामंतवादी सोच के वाहक थे […]Read More »

मधेपुरा में सोशल मीडिया पर बड़ी बहस

रूपेश कुमार सोशल मीडिया जनक्रांति का सशक्त माध्यम है। जिस गति से समाज बदल रहा है उसमें सोशल मीडिया की भूमिका अहम है। समाज का हर वर्ग इस पर क्रेंदित है। […]Read More »

देश में कब महफूज होंगी बेटियां ?

कीर्ति दीक्षित निर्भया के माता पिता चार साल बाद भी बेटी को न्याय दिलाने के लिए  सुप्रीम कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं बस अब उनके साथ ना कोई नेता […]Read More »

किन्नरों के मन की पाती बांचती मां और 'नाला सोपारा'

इति माधवी ‘नाला सोपारा’ एक ऐसा उपन्यास जो एक ऐसे समुदाय पर आधारित है जिसके बारे में हर कोई बात करने से कतराता है । समाज का नजरिया उस तबके […]Read More »

UP-100 के जरिए अखिलेश गढ़ेंगे यूपी पुलिस की नई छवि

अरुण यादव पुलिस को लेकर हमारे जेहन में हमेशा एक नकारात्मक छवि ही रही है। लेकिन जरा सोचिए वही पुलिस आपके एक फोन पर हाजिर हो जाए और कहे कि […]Read More »

भारत रंग महोत्सव में दिखेगा मैथिली रंगकर्म का 'मेलोरंग'

अनु गुप्ता भारत एक ऐसा देश है जहां हर सौ  कदम पर भाषा बदल जाती है। इस देश को अनेक और विशेष भाषाओं का संग्रहालय बोला जाए तो गलत न होगा। […]Read More »

ओवैसी को जिसके लिए चुना वो वही कर रहे हैं !

वही लोग ओवैसी से इस वक़्त उसके सांप्रदायिक बयान को ले कर चिढ़े हुवे हैं जिन्होंने उसे चुना ही सांप्रदायिक धुर्वीकरण के लिए है । ये बताईये कि आपने ओवैसी […]Read More »

अकेलेपन के अंधेरों में रचा गरीबों की जिंदगी का उल्लास गीत

धीरेंद्र पुंडीर जयललिता दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु की मुख्यमंत्री। रजत पट की अभिनेत्री और अभिनेता से नेता बने एमजीआर की विरासत संभालने वाली नेत्री। भ्रष्ट्राचार के आरोपों से घिरीं। […]Read More »

गांव की फिल्म मेकर ने जीता अवॉर्ड

रुपेश गुप्ता करीब डेढ़ साल पहले की बात है। छत्तीसगढ़ की मैनपाट और मांझी जनजाति अचानक सुर्खियों में आ गई। हालांकि तब मांझी जनजाति के पांच साल के एक बच्चे […]Read More »

तुम्हारी जात क्या है, तुम क्या समझोगे?

प्रशांत दुबे किसी के इंतजार में खटलापुरा मंदिर में बैठा था| एक पढ़े-लिखे, सूट-वूट वाले भाईसाहब चार चके से उतरे, कुछ मन्त्र पढ़े और पूजा पाठ की सामग्री पन्नी सहित […]Read More »

खुद खाली पेट और वो चलाते हैं 'एक रोटी अभियान'

पुष्यमित्र दुनिया अच्छे लोगों से खाली नहीं हुई है। दिलचस्प बात यह है कि आप महानगर छोड़ कर बाहर निकलें आपको ऐसे लोग कदम-कदम पर मिल जाते हैं। ऐसे ही […]Read More »

सुनिए प्रेमचंद, आधुनिक होरियों की पीड़ा गाथा

ब्रह्मानंद ठाकुर प्रख्यात उपन्यासकार कथाकार मुंशी प्रेमचंद के गोदान का होरी आज भी भारत के खेत -खलिहानो में जिन्दा है। अपने जिन्दा रहने की कीमत वह खेतों में माथा और […]Read More »

प्रकृति सोशल मीडिया से नहीं चलती !

कीर्ति दीक्षित इस साल हमने गर्मी में तापमान का उच्चतम् स्तर देखा, सूखे की भयावहता देखी, बूँद बूँद पानी के लिए संघर्ष देखा और हाल ही में दिवाली के बाद […]Read More »

नोटबंदी की 'सियासी मंडी' में अन्नदाता की सुध किसे ?

ब्रह्मानंद ठाकुर  किसानों के खून-पसीने से उपजाई गयी फसल जब कौडियों के मोल बिकने लगे तो उनका दर्द समझना सब के लिए आसान नहीं होता। कभी-कभी जीवन में बहुत कुछ […]Read More »

एक और हादसा... हादसे की लिस्ट में दर्ज कर भूल जाइए!

सौम्या सिंह रेल दुर्घटना, ये शब्द कान में जाते ही सबसे पहले क्या याद आता है आपको ? अच्छा छोड़िए…,  तारीख़ – 6 जून 1981, खगड़िया रेल दुर्घटना जिसे आज […]Read More »

बदलाव की पटरी पर पलटती तेज रफ्तार रेलगाड़ियां

पुष्यमित्र माना जा रहा है कि कल हुए रेल हादसे की सबसे संभावित वजह थी कि झांसी-कानपुर रेलखंड के बीच चले रहे दोहरीकरण कार्य के बावजूद इंदौर-पटना एक्सप्रेस 108 किमी […]Read More »

किराये की कोख के लिए हो रही झारखंडी किशोरियों की तस्करी

पुष्यमित्र पटना के एक संस्थान में सरिता(परिवर्तित नाम) बैठी हैं. उसकी आंखें डबडबायी हुई हैं. वह उस खबर का सामना करने के लिए खुद को तैयार नहीं पा रही है, […]Read More »

कतार में खड़े हो समझते रहिए बट्टा खाते का गणित

आशीष सागर नोटबंदी के बाद से तो ऐसा लग रहा है जैसे शहर और गांव की दूरियां मिट गईं। ऐसा इसलिए क्योंकि महानगर से लेकर गांव के गलियों तक अगर […]Read More »

'सर्जरी' आपने की, दर्द की शिकायत किससे करें?

सत्येंद्र कुमार यादव ये तस्वीर यूपी के देवरिया के लार क्षेत्र की है । नोटबंदी के बाद से बैंकों के सामने लोगों की कतार अभी भी लंबी है। इसकी कई […]Read More »

बहन पर भाई के भरोसे की जीत और सामा चकेवा

पुष्यमित्र एक चुगलखोर व्यक्ति राजा कृष्ण से कहता है कि तुम्हारी पुत्री साम्बवती चरित्रहीन है। उसने वृंदावन से गुजरते वक्त एक ऋषि के साथ संभोग किया है। कृष्ण अपनी पुत्री […]Read More »

किसानों का दर्द तो समझो 'सरकार'

ब्रह्मानंद ठाकुर इन दिनों पूरा हिंदुस्तान लाइन में खड़ा नज़र आ रहा है । शहर से लेकर गांव तक एक जैसी तस्वीर देखने को मिल रही है ।  ऐसा लग […]Read More »

बिहार के संझौली में एक शौचालय 'सम्मान' का

चंदन शर्मा के फेसबुक वॉल से  किसी मकसद को अंजाम देने के लिए किसी का मुंह ताकने से बेहतर है खुद हिम्मत कर आगे बढ़ना। कुछ ऐसी ही मिसाल पेश […]Read More »

कतार देखो, धार देखो... ATM पर तैयारी अधूरी है!

कुमकुम सिंह के फेसबुक वॉल से आज सुबह 10 बजे से 3-4 बैंकों के चक्कर काट कर आई हूं। इतनी भीड़ कि शायद ही 2-3 घंटे में नंबर आता। इतना […]Read More »

'22 करोड़' का कर्ज, मुसीबत में '13 हजार' किसान !

आशीष सागर यूपी में चुनाव से पहले  खूब घोषणाएं हो रही हैं । कोई मोबाइल देने का वादा कर रहा है तो कोई कार बांटने का सपना दिखा रहा है, […]Read More »

अखिलेश सीख लें 'निंदक नियरे राखिए' की अदा

प्रियंका यादव यूपी में जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है सियासी पारा चढ़ रहा है । कोई विकास रथ लेकर निकला है तो कोई परिवर्तन रथ पर सवार हो चुका है […]Read More »

ये छठ जरूरी है!

पुष्यमित्र के फेसबुक वॉल से आज बहन अनिता कुमारी ने दिल्ली की छठ के बारे में बड़ी दिलचस्प जानकारी दी। उसने कहा कि पिछले कुछ साल से बिहार से कुछ लोग […]Read More »

छठ पर्व पर 'सरिसवा' नदी को बचाने की सौगन्ध

कुणाल प्रताप सिंह बिहार में हर तरफ छठ की छटा बिखरी है । नदी किनारे बने घाट सजे हुए हैं। शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ छठ की औपचारिक शुरूआत हुई […]Read More »

गरीबी के अंधकार से निकली 'आनंद' की रौशनी

आनंद कुमार  सुपर 30, वो नाम जिसका जिक्र आते ही देश के तमाम गरीब बच्चों की आंखों में उम्मीद की किरण जग जाती है । जिसके हुनर और लगन का कायल […]Read More »

एक बालक के सवाल ने गोवर्धन को अमर बना दिया

दीपावली की अगली सुबह गोवर्धन पूजा की जाती है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। इस त्यौहार का भारतीय लोकजीवन में काफी महत्व है। इस पर्व में […]Read More »

SP कुमार आशीष ने 'दीपक' सी जिद ठानी है!

दीपों के पर्व की रौनक हर तरफ बिखरी है। समाज का हर तबका अपने-अपने अंदाज में दीवाली मना रहा है। समाज के कुछ ऐसे दीपक भी हैं, जिसकी रोशनी से […]Read More »

दिल्ली में फोटोग्राफी के किंग से एक मुलाक़ात

सत्येंद्र कुमार यादव कुछ पत्रकार साथियों के साथ 25 अक्टूबर 2016 को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र जाना हुआ । IGNCA के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी से मिलने का कार्यक्रम था। उनसे […]Read More »

जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं...!

कुमार  सर्वेश डॉ. लोहिया ने कहा था कि जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं। लगता है अपने समाजवादी पितामह डॉ. राममनोहर लोहिया की इस बात को समाजवादी पार्टी में […]Read More »

एक गुरु ने जगमग कर दी पाठशाला

सैयद ज़ैग़म मुर्तज़ा उत्तर प्रदेश का एक सरकारी स्कूल इन दिनों अच्छी वजहों से चर्चा में है। प्रदेश के दूरदराज़ गांव के इस स्कूल की सूरत शक्ल कुछ ऐसी है […]Read More »

बिहार में बाढ़ की 'बांधलीला'

पुष्य मित्र बिहार में हर साल बाढ़ कहर बनकर टूटती है । लाखों लोग बेघर होते हैं और हजारों करोड़ का नुकसान होता है । पटना से लेकर दिल्ली तक […]Read More »

लो आ गई बिहार के किसानों के लिए फसल बीमा योजना

अरुण यादव बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने का फ़ैसला किया है । नीतीश सरकार के इस फैसले को काफी सराहनीय कदम माना जा रहा है, क्योंकि […]Read More »

बाढ़ के पानी और बिहार के 'हाहाकार' की कहानी

पुष्यमित्र इन दिनों वाल्मिकीनगर से लेकर किशनगंज के कोचाधामन तक उत्तर बिहार का हर इलाका बाढ़ के पानी में उब-डूब कर रहा है। गंडक के बैराज का फाटक टूट गया […]Read More »

गांव की सेहत का मददगार आशा बहुओं का स्मार्टफोन

उमेश कुमार अब जब सुनीता देवी किसी गर्भवती महिला के पास जाकर आयरन गोली खाने के फायदे बताती हैं, तो उस महिला के साथ-साथ उसकी सास और घर के अन्य […]Read More »

ट्रैक्टर बिक्री में सबसे तेज बढ़ते राज्य की दुर्दशा

शिरीष खरे साल 2014 में अकेले मध्य-प्रदेश के किसानों ने 88 हजार ट्रैक्टर खरीदे थे। तब सूबे में 32 प्रतिशत की ग्रोथ-रेट से ट्रैक्टर खरीदे गए थे। यह ग्रोथ-रेट देश […]Read More »

सीमांचल में 'वर्चुअल दुनिया' से रियल फाइट

पुष्यमित्र सोशल मीडिया ने आज पूरी दुनिया को एक सूत्र में बांध दिया है, किसी को पुराने दोस्त की तलाश करनी हो तो फेसबुक, किसी को अपने मन की बात […]Read More »

'भूमिका' ने मीडिया से ज़्यादा उर्वर ज़मीन तलाश ली

किसानों और सरकारों का रिश्ता अजीब सा रहा है। सरकारें  योजनाएं बनाती हैं, खूब पैसा बहाती हैं, लेकिन न जाने क्यों फिर भी किसानों के खेत सूखे रह जाते हैं। […]Read More »

'लव योर पुलिस'- इस मुहब्बत में मुश्किलात बहुत हैं जनाब

अरुण प्रकाश हमारे देश में पुलिसिया ख़ौफ़ की कहानी किसी से छिपी नहीं है। पुलिस की छवि कुछ ऐसी है कि उसका नाम लेने पर सिर्फ डर और भय ही याद […]Read More »

अमेरिका से लौटी 'भक्तन' बदल रही है गांव

सत्येंद्र कुमार यादव सपनों ने उड़ान भरी और वो पहुंच गई अमेरिका, लेकिन पिता का दिल बेटी की कामयाबी विदेश में नहीं, अपने गांव में देखना चाहता था। अपनी माटी […]Read More »

तुम निडर डरो नहीं, तुम निडर डटो वहीं

अरुण प्रकाश डीएम साहब सुनते नहीं, सचिव महोदय के पास फुरसत नहीं, सीईओ (मुख्य कार्यपालन अधिकारी ) को परवाह नहीं। अब मैं किसके सामने अपने गांव का दुखड़ा रोऊं कि […]Read More »

सेहमलपुर की 'सेहत'... फ़ाइलों में बेहतर है!

जौनपुर के सेहमलपुर गांव से एपी यादव की रिपोर्ट। सई और गोमती नदी के दोआब पर बसा है, मेरा प्यारा और हरा-भरा गांव-सेहमलपुर। नदियां इसकी आत्मा हैं तो पास से […]Read More »