बदलाव प्रतिनिधि, देवरिया

दुल्हन की तरह सजी वंदना
दुल्हन की तरह सजी वंदना
ये तो सोचा न था- ससुराल में पिटाई के बाद की तस्वीर।
ये तो सोचा न था- ससुराल में पिटाई के बाद की तस्वीर।

देवरिया की एक बेटी की ज़िंदगी शादी के महज 3 महीनों में ही नर्क बन गई। वो जितने अरमानों के साथ सात फेरों के बाद ससुराल पहुंची थीं, वो एक दर्दनाक दास्तान में बदल गई। ससुराल में गुजारे चंद दिनों को याद कर देवरिया के दोगड़ा की वंदना आज भी सहम उठती हैं। उसके जेहन में प्रताड़ना के जख्म ताजा हो जाते हैं। वो इस कदर डर गई है कि मम्मी -पापा के लाख समझाने बुझाने के बावजूद ससुराल लौट कर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही।
दरअसल वंदना की शादी 10 फरवरी 2018 को देवरिया के ही पडरी मिश्र गांव के राजन मिश्रा के साथ हुई। राजन मिश्रा नोएडा की एक प्राइवेट ई-पब्लिशिंग कंपनी में जॉब करते हैं। शादी के दौरान आम रवायत के मुताबिक वंदना के माता-पिता ने बेटी और दामाद को सुख-सुविधाओं के सारे सामान गिफ्ट किए लेकिन उन्होंने सपने में भी ये नहीं सोचा था कि उनकी बेटी की जिंदगी से ही सुख गायब हो जाएगा।

शादी के मंच पर वंदना और राजन।
शादी के मंच पर वंदना और राजन।
बस तीन महीने में ही रंगहीन हो गई ज़िंदगी। बहू के साथ ऐसा सुलूक?
बस तीन महीने में ही रंगहीन हो गई ज़िंदगी। बहू के साथ ऐसा सुलूक?

वंदना का आरोप है कि शादी के चंद दिनों के बाद से ही उसके साथ मार-पीट और गाली-गलौच का सिलसिला शुरू हो गया। छोटी-छोटी बात पर तनाव बढ़ने लगा। एक-एक दिन गुजारना वंदना के लिए भारी पड़ने लगा। एक पढ़ी-लिखी लड़की के लिए ये माहौल बर्दाश्त कर पाना मुश्किल हो रहा था। एक दिन तो हद ही हो गई। वंदना की माने तो राजन ने गुस्से में उसे इतनी बुरी तरह पीटा कि वो बेहोश हो गई। चेहरा बुरी तरह सूज गया। हाथ और शरीर के कई हिस्सों में ज़ख़्म उभर आए। वंदना का कहना है कि उसे मानसिक रूप से टॉर्चर करने वालों में उसका पति राजन, उसकी बहन, सास-ससुर बराबर के साझीदार रहे हैं।

वंदना के हाथ पर ज़ख़्म के निशान
वंदना के हाथ पर ज़ख़्म के निशान
देवरिया के खुखुन्दू थाने में दर्ज हुई एफआईआर
देवरिया के खुखुन्दू थाने में दर्ज हुई एफआईआर

वंदना के घरवालों को जब इस बात की जानकारी मिली तो वो भागे-दौड़े उसके ससुराल पहुंचे। इलाज के लिए बच्ची को अपने साथ ले आए। इसके बाद से परिवार और समाज के लोगों ने बीच-बचाव की तमाम कोशिशें कीं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। वंदना के घरवालों के मुताबिक एक बार बातचीत के लिए राजन के परिवार के कुछ लोग आए तो जरूर लेकिन कुछ सवालों से भड़क गए और मारपीट शुरू कर दी।

वंदना के घरवालों ने 100 नंबर डायल कर पुलिस बुलाई तब जाकर कहीं वो लोग वहां से भागे। वंदना के घरवालों ने पुलिस में एफआईआर करवा दी है। देवरिया के थाना खुखुन्दू में 14 नवंबर 2018 को एफआईआर (0205) दर्ज हुई। पुलिस ने धारा 498 ए, 147, 323, 504, 506, 452 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत धारा 3,4 लगाई है। वंदना के परिवार वाले इस बात से बेहद निराश हैं कि इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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