Archives for माटी की खुशबू - Page 2

माटी की खुशबू

मुंदरी

डॉक्टर प्रीता प्रिया पूर्णिया के चित्रकार राजीव राज की कृति हॉस्टल के लान में पुरवइया सी दौड़ती -भागती, हंसती- खिलखिलाती लड़कियों के झुंड के सामने अचानक ही एक डाकिया डाक…
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माटी की खुशबू

दरमा घाटी जाएं तो कुछ टॉफी चॉकलेट जरूर ले जाएं

विनोद कापड़ी के फेसबुक वॉल से दरमा घाटी की सैर जितनी यादगार है, उससे कहीं ज्यादा रोमांचकारी। रास्ता जितना दुर्गम है उतना ही दिलचस्प भी । पिछले दिनों वरिष्ठ पत्रकार…
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माटी की खुशबू

गांव का भविष्य संवारने निकल पड़े ‘बाल वीर’

टीम बदलाव बच्चों को देश का भविष्य निर्माता कहा जाता है । मसलन बिना बच्चों के किसी भी सक्षम राष्ट्र का निर्माण मुमकिन नहीं है । लिहाजा समाज और सरकार…
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माटी की खुशबू

आइये, एक प्रोमिसिंग पुलिस अधिकारी का स्वागत करें

पुष्यमित्र इस तसवीर को पिछले कुछ घंटों में कई बार देख चुका हूं। जब भी देखता हूं, दिल खुश हो जाता है. क्योंकि तसवीर में बच्ची को संभाले जो पुलिस…
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माटी की खुशबू

पहले किसान नेता और क्रांति के अग्रदूत कुंअर सिंह

कुमार नरेंद्र सिंह आज भी भोजपुर के उज्जैनिया राजपूतों के गांव लहठान में एक बहुत बड़ा तालाब है, जिसके बारे में वहां के लोग बताते हैं कि वह पोखरा कुंअर सिंह…
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माटी की खुशबू

वैशाली के समकालीन गणराज्यों की गाथा

वीरेन नंदा भारत के ऐतिहासिक युग की शुरुआत वैशाली गणराज्य से होती है। यह दुनिया का पहला गणराज्य था। इस गणराज्य के भग्नावशेष मुजफ्फपुर से करीब 27 किलोमीटर दूर बसाढ़…
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माटी की खुशबू

कांपता हृदय और पिता

रुपेश कुमार जब देखता हूं ढीली होती पेशियां पिता की बहुत कांपता है हृदय ! सुबह जब कभी  लेटते हैं देर तक पिता तब जी कड़ा कर उन्हें जाता हूँ…
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अतिथि संपादक

स्त्री का सम्मान प्रकृति और ईश्वर का सम्मान है

डाॅ॰ संजय पंकज बिहार के मशहूर चित्रकार राजेंद्र प्रसाद गुप्ता की कृति प्रकृति और पुरुष का आकर्षण सृष्टि के प्रारंभ का एक विराट निदर्शन है। उस गोपन रहस्य में जाने…
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माटी की खुशबू

श्रम से निखरता सौंदर्य

डॉ. भावना बिहार के प्रसिद्ध चित्रकार राजेंद्र प्रसाद गुप्ता की कृति। बलुई के ढलान से बोझा लिए जब भी गुज़रती है वह काली लड़की तो लोग उसे चिढ़ाते हैं 'करीअक्की'…
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