Author Archives: badalav - Page 128

सत्ता और ताक़त के लिए देह का सौदा क्यों?

पिछले कुछ दिनों से फेसबुक पर स्त्री विमर्श पर कई टिप्पणियां देखीं। जेएनयू की रिसर्च स्कॉलर रहीं सुदीप्ति ने इस सिलसिले में फेसबुक पर कुछ टिप्पणियां पोस्ट की हैं। सुदीप्ति…
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हम प्यासे मरेंगे और वो हमारी नदियों का पानी बेचेंगे…

मैगसेसे और स्कॉटहोम वाटर जैसे पुरस्कारों से नवाजे गए जल वैज्ञानिक राजेन्द्र सिंह का कहना है कि केंद्र की मोदी सरकार जनता के पानी को कंपनियों को देने की तैयारी…
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‘ग़म-ए-वोट’ में कुछ यूं बदले ‘गेम-ए-कैबिनेट’ के कायदे

प्रणय यादव फोटो सौजन्य-पीआईबी उम्मीदें बहुत थीं। बातें बहुत थीं। दावे बहुत थे। लेकिन हुआ क्या? जो हुआ वही तो होता आया है। जिसका विरोध बीजेपी करती थी। जिसके लिए…
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किसानों का संकटमोचक ‘रहट’ कहां गुम हो गया?

फोटो- शिवनारायण सिंह । कुएं से पानी निकालने की प्रचीन विधि 'रहट' अरुण यादव रहट नाम से क्या आपके जेहन में कोई तस्वीर खिंचती है। क्या आप रहट के बारे…
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‘क्षिप्रा’ और ‘नर्मदा’… नदियों के ‘जबरिया मिलन’ की अंतर्कथा

शिरीष खरे इंदौर जिले का उज्जैनी गांव 29 नवंबर, 2012 को एक ऐतिहासिक फैसले का गवाह बना था। ये वही दिन है जब सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बड़ी धूमधाम…
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विकास के मॉडल पर बात करनी हो तो चलिए ‘कान्हा’

“ लोगों के बीच जाइए। उनके साथ रहिए। उनसे सीखिए। उन्हें स्नेह दीजिए। शुरू करें वहां से जो वे जानते हैं। निर्माण उन चीजों से करें जो उनके पास है। लेकिन नेतृत्व…
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कीर्ति दीक्षित के उपन्यास ‘जनेऊ’ की पहली झलक

कीर्ति दीक्षित का उपन्यास जनेऊ । बुंदेलखंड के पृष्ठभूमि पर आधारित । सत्येंद्र कुमार यादव मार्च 2009 में ईटीवी न्यूज से जुड़ा। फिर मुझे रायपुर से हैदराबाद जाना हुआ। चूंकि…
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सिमटती खेती, बढ़ती परेशानियां

सैयद ज़ैग़म मुर्तज़ा दोआबा... यानि दो बहते दरिया के बीच का इलाक़ा। यह 'दो' और 'आब' शब्दों के जोड़ से बना है। आब फारसी का लफ्ज़ है जिसका मतलब है…
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मैडम, बदतमीजी… अगर लगी तो सॉरी

राकेश कुमार मालवीय उस लड़की के जोर से चिल्लाने से मेरी नींद खुली। वह अपनी बर्थ से उठकर दौड़ती ट्रेन के फर्श पर बदहवास-सी खड़ी थी। अंधेरे में उसकी पीठ…
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रायपुर में ‘मोचीराम’ की चीख और चुप्पी

टीम बदलाव "बाबूजी सच कहूं, मेरी निगाह में न कोई छोटा है न कोई बड़ा, मेरे लिए हर आदमी एक जोड़ी जूता है, जो मेरे सामने मरम्मत के लिए खड़ा…
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