अजीत अंजुम के फेसबुक वॉल से साभार ये शिल्पा जी हैं। हम सबकी दोस्त और हम सबके अजीज राजीव कुमार
Author: badalav
बहस-मुबाहिसों में हाशिए पर क्यों गांधी और गांधीवाद?
पशुपति शर्मा गांधी को लेकर अपने एहसास की बात मैं आइंस्टीन के एक कथन से शुरू करता हूं जिसका जिक्र
अंधविश्वास और बाज़ारवाद के मायाजाल से घिरी आस्था
ब्रह्मानंद ठाकुर धनरोपिया खतम हो जाने से घोंचू भाई अब पूरी तरह से फुर्सत में हैं। इधर दू- चार दिन से टिप-टाप
पत्रकारों से सवाल-जवाब का ‘अटल’ नाता
राधे कृष्ण मैं खुद को बेहद सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ चार
बिल्डिंग तैयार है… 2 साल से डॉक्टर का इंतजार
गोरखपुर में एम्स बन रहा है । देवरिया जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने का ऐलान हुआ है । हालांकि ये
एशिया में नफ़रत से आज़ादी की जंग बाकी है!
पुष्यमित्र वैसे तो बचपन से लेकर आज तक हमने कभी सोचा नहीं कि 15 अगस्त की तारीख का इसके सिवा
सरकार की मजबूती की कीमत लोकतंत्र चुकाता है !
राकेश कायस्थ सत्तर साल के भारत को देखें तो लोकतंत्र के लिहाज से आपको कौन सा दौर सबसे सुनहरा नज़र
मीडिया को फिर से पत्रकारिता बनाने की लड़ाई कलम के नाम उधार है
ब्रह्मानंद ठाकुर अपने देश के मीडिया जगत में इन दिनों जो घटनाएं घट रही हैं, वह आकस्मिक नहीं कही जा
समान और मुफ्त शिक्षा के लिए क्रांति
बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर क्रांति दिवस, 9 अगस्त 1942 की 76वीं वर्षगांठ पर मुजफ्फरपुर शहर के छात्रों, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों
‘सियासी समर’ से पहले ‘युद्ध में अयोध्या’
प्रणय यादव हेमन्त शर्मा जी की नई पुस्तक पाठकों के हाथ में आने वाली है, नाम है ” युद्ध में
