किताब “नेहरू मिथक और सत्य” 5 जनवरी को आप सब के हाथ में आ जाएगी। किताब की भूमिका संघर्ष की
Author: badalav
आर्थिक असमानता दूर करने का ‘सियासी’ छलावा !
शिरीष खरे स्वतंत्रता के बाद भारत जैसे विशाल और विविधता सम्पन्न देश में असंतुलन तथा अंतर्विरोधी समाधान के लिए योजना
ग्राम सभा का इतिहास और ग्राम स्वराज का अधूरा सपना
शिरीष खरेभारत में स्थानीय शासन का अस्तित्व बहुत पुराना है। मध्यकाल के इतिहास में ग्राम-सभा का उल्लेख मिलता है जो
गांवों में विकास की धीमी रफ्तार और नौकरशाही का ढुलमुल रवैया
शिरीष खरे भारतीय प्रशासन का वर्तमान ढांचा ब्रिटिश शासकों से विरासत में मिला है। इसी ढांचे के नीचे गांव का विकास
सांची कहे तोरे आवन से हमरे, अंगना में आई बहार भौजी
विकास मिश्रा 1982 में आई थी फिल्म ‘नदिया के पार’। तब मेरी उम्र 12 साल की रही होगी। गाना सुपरहिट
हमारे बदहाल गांव और सशक्तीकरण का छलावा
शिरीष खरे सशक्तीकरण का अर्थ है देश के वंचित तबकों के जीवन में बदलाव लाना। इससे वह अलग-अलग क्षेत्रों में
‘बेजुबान’ हिंदुओं की आवाज़ बनने का दावा करने वाले मोदी क्या अटल से कुछ सीखेंगे?
पुष्यमित्र अब जबकि मोदी सरकार अपने कार्यकाल का साढ़े चार साल पूरा कर चुकी है, यह बात अब पुख्ता तरीके
अमजद साहब! 34 साल बाद कुछ यूं मिले… कैसा लगा आपको?
सच्चिदानंद जोशी बात आज से चौंतीस (34) बरस पहले की होगी। उन दिनों एमए के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर
सौंदर्यीकरण के नाम पर ‘अतिक्रमण’
पुष्यमित्र के फेसबुक वॉल से साभार/यह दरभंगा के एक ऐतिहासिक तालाब का चित्र है। सम्भवतः हराही का। वहां सौंदर्यीकरण हो
दम तोड़ता बेनीपुरी के सपनों का भारत
ब्रह्मानंद ठाकुर/ कलम के जादुगर रामवृक्ष बेनीपुरी । यह नाम जेहन में आते ही एक ऐसे व्यक्ति का चित्र उभरता
