“भारतीय किसान कर्ज में ही जन्म लेता है और उसी स्थिति में मर जाता है” ‘दुख की यात्रा’ एक संकल्पनात्मक नाटक है, जो किसानों की खुदकुशी पर आधारित है । 1997 से लेकर अब तक 1 लाख से ज्यादा किसानों ने मौत को गले लगा लिया । ये एक अंतहीन दुष्चक्र जैसा है । किन परिस्थितियों में एक किसान मौत को गले लगाता है इस नाटक में यही दिखाने की कोशिश है ।

‘THE JOURNEY OF SORROW’ यानी ‘दुख की यात्रा’ नाटक के डायरेक्टर हैं जॉय मैसनम (JOY MAISNAM), पोएट्री- मोहन जोशी, लाइट और डिजायन- अवतार साहनी । 28 अप्रैल 2017 को शाम 7 बजे, वेन्यू- अभिमंच,  नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, बहावलपुर हाउस-1 भगवानदास रोड, मंडी हाउस, नई दिल्ली, में इस नाटक का मंचन किया जाएगा । इस नाटक का मंचन ट्रेजर ऑर्ट एसोसिएशन की तरफ से किया जा रहा है।

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