डॉ शंभु लाल वर्मा ‘कुशाग्र’ "एक डाल दो पाच्छी है बैठा कौन गुरु कौन चेला/ गुरु की करनी गुरु भरेगा चेला की करनी चेला /उड़ जा हंस अकेला" - कबीर…
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