एक महाकवि को कुत्तों से इस तरह हो गया इश्क

एम अखलाक यूं तो आपने महाकवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री को गोद में कुत्तों को खेलते-खिलाते कई बार देखा होगा। लेकिन, बहुत कम लोगों को यह मालूम होगा कि उन्हें कुत्तों से प्रेम

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पेरियार के आँगन में बहती रही कोसी की धारा

पुष्यमित्र मुझे यह मालूम नहीं था कि पेरियार एक नदी का नाम है जो भारत के दक्षिणवर्ती राज्य केरल में

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पेड़ों की छांव तले बाल मन की गूंज

वैशाली , गाजियाबाद 27 नवंबर 2016। “पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” के अंतर्गत 26वीं साहित्य गोष्ठी वैशाली सेक्टर चार

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एक साहित्यिक आयोजन की ‘सिल्वर जुबली’

कई बार यह विचार आता है कि हम अपनी रोजमर्रा की ज़िंदगी में जनहित और समाजहित के लिए कितना वक्त

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छोटा कर के देखिए जीवन का विस्तार- निदा फ़ाजली

अनिमेष पाठक बात दिसंबर 2015 के पहले हफ्ते की है। ऑफिस से काम जल्दी निबटाकर लगभग दौड़ता हुआ मैं मुनव्वर राणा

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