Tag archives for साहित्य

मेरा गांव, मेरा देश

विद्रोही कवि रामधारी सिंह दिनकर

ब्रह्मानन्द ठाकुर जी हां , विद्रोही कवि रामधारी सिंह दिनकर। हालांकि मनुष्य द्वारा मनुष्य के शोषण पर टिकी इस व्यवस्था के संचालक, आधुनिक राष्ट्रवादियों को दिनकरजी के प्रति मेरा यह…
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मेरा गांव, मेरा देश

लेखक और पत्रकार सबसे आसान शिकार हैं- उदय प्रकाश

गौरी लंकेश की हत्या से देश स्तब्ध है। पत्रकार-साहित्यकार वर्ग सहमा हुआ है। आखिर अभिव्यक्ति की आज़ादी के मतलब क्या हैं? हिंसा और उन्माद के इस दौर में कैसे अपनी…
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बिहार/झारखंड

वंशीपचडा-वह गांव जिसने रामबृक्ष को बेनीपुरी बना दिया

ब्रह्मानंद ठाकुर एक नन्हा -सा टुअर बालक जिसकी मात्र 4 साल की उम्र में मां मर गयी और जब वह 9 वर्ष का था तो पिता भी साथ छोड़ गए।…
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आईना

मित्र

तस्वीर-अजय कुमार कोशी बिहार मित्र करता हूं मैं कई बार तुम्हारी आलोचना वह आलोचना जितनी तुम्हारी होती है उतनी ही मेरी भी ऐसा लगता है मुझको क्योंकि ये शब्द हमेशा…
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परब-त्योहार

स्त्री सृजन के ‘आयाम’ का दूसरा साल

इति माधवी "सुलगते चूल्हे पर स्त्री जब रांधती है भात बटलोही के अदहन से पकते चावल की खदबदाहट हर स्त्री की सृजनात्मकता है" ये कविता का बदलता काल है जो…
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माटी की खुशबू

‘सुन्नर नैका’-तटबंधों को तोड़ती एक प्रेम कथा

 पशुपति शर्मा सुन्नर नैका। कोसी मइया की धाराओं और उसके प्रवाह की तरह कई तरह की अनिश्चितताओं और आवेग के साथ आगे बढ़ती कथा है। कोसी मइया को लेकर प्रचलित लोक…
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आईना

मछलियां

मछली का मायका नहीं होता उसे ब्याह कर ससुराल नहीं जाना पड़ता उसका मरद उसे छोड़ कमाने बाहर नहीं जाता बच्चे भी हमेशा आस-पास ही रहते हैं कितना सुंदर है…
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आईना

बड़ों की कविताएं-छंद, बच्चों के किस्से चंद

बदलाव प्रतिनिधि, ग़ाज़ियाबाद रविवार, 25 जून ,2017 को वैशाली, गाजियाबाद के सेंट्रल पार्क में “पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” तैतीसवीं साहित्यिक गोष्ठी संपन्न हुई। उमस और बदली से घिरे…
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चौपाल

मनुष्यता का संदेश देती सच्चिदानंद जोशी की कहानियां

पशुपति शर्मा साहित्य अकादमी का सभागार शनिवार, 27 मई की शाम एक और पुस्तक विमोचन का गवाह बना। प्रभात प्रकाशन के कर्ताधर्ता प्रभातजी ने अतिथियों का स्वागत किया और फिर…
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मेरा गांव, मेरा देश

सच्चिदानंद जोशी की पुस्तक का लोकार्पण 27 मई को

बदलाव प्रतिनिधि, दिल्ली सच्चिदानंद जोशी, कभी आप उनमें एक शिक्षाविद ढूंढ सकते हैं। कभी उनमें आप एक संस्कृतकर्मी तलाश सकते हैं। कभी आप उनमें एक रंगकर्मी को उछाल मारते महसूस…
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