प्रशांत दुबे किसी के इंतजार में खटलापुरा मंदिर में बैठा था| एक पढ़े-लिखे, सूट-वूट वाले भाईसाहब चार चके से उतरे, कुछ मन्त्र पढ़े और पूजा पाठ की सामग्री पन्नी सहित…
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