Tag archives for संस्मरण

परब-त्योहार

सासू मां से प्रेम किया तो सारा डर भाग गया

जूली जयश्री हाई स्कूल में हमारे एक टीचर थे , पाठक जी पढाते तो अंग्रेजी थे लेकिन अंग्रेजी से ज्यादा उनपर बेटियों में संस्कार बोने का दायित्व था ! उनका फेवरेट डॉयलाग…
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परब-त्योहार

ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों

जूली जयश्री दोस्ती इस रिश्ते के मामले में मैं इतनी अमीर हूं कि समझ में नहीं आ रहा कहां से शुरू करूं। किस-किस का जिक्र करुं ! अब तक के…
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माटी की खुशबू

परवाह नहीं, हम पंछी उन्मुक्त गगन के…

सच्चिदानंद जोशी फेसबुक, 30 जुलाई, 2017। पहली हवाई यात्रा, जी नही मैं अपनी पहली हवाई यात्रा की बात नहीं कर रहा हूँ। हालांकि उसका किस्सा भी मजेदार है, लेकिन वो फिर…
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चौपाल

अच्छाई की ‘महंगी’ खेती और खुशियों की हरियाली

 विकास मिश्रा पंकज तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार 2000 की बात है, उस समय अमर उजाला मेरठ के प्रादेशिक हेड थे पंकज तिवारी जी। अपने अधीनस्थों के लिए किसी भी हद तक…
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ये ग़ुस्सा उन्हीं को मुबारक… हम तो ‘कूल-कूल’ रहेंगे

विकास मिश्रा एक नौजवान, जोशीला और अच्छे चैनल का पत्रकार एक रोज घर आया। बोला-सर, मैं इस्तीफा देना चाहता हूं। मैं चौंका, क्योंकि अपने चैनल में उसकी अच्छी मौजूदगी है,…
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कानपुर के घाटन की कथा … आंखिन देखी

संगम पांडेय सभी फोटो- साभार, संगम पांडेय के फेसबुक वॉल से। पिछले से पिछले हफ्ते कानपुर में होने से संक्षिप्त रूप से बिठूर जाना हुआ। करीब साल भर पहले जब…
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चाची के हाथ की मछली खाने की ललक

मनोरमा सिंह ये मिश्रा चाची हैं। बरौनी आरटीएस, में मेरे पड़ोस की चाची। मैथिल और अंगिका बोलने वाली चाची, अपनी पीढ़ी में राजनीतिक रूप से जबरदस्त सचेत महिला हुआ करती…
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मुस्कान… आशाओं वाली… उम्मीदों वाली

हेमन्त वशिष्ठ ये तस्वीर आपसे कुछ कहना चाहती है... ये बेफिक्री... कुछ कहना चाहती हैं... कुछ कहना चाहते हैं ये चेहरे... ये चेहरे... अनजाने से... कुछ साफ कुछ धुंधले ...…
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आओ हंसें, खिलखिलाएं, बातें करें और दिल को ‘हलका’ कर लें

विकास मिश्रा अपनी मां के साथ विकास मिश्रा मुझे मेरी मां से बहुत कुछ मिला, लेकिन एक ऐसी चीज भी मिल गई, जिसे मैं कभी नहीं चाहता था। वो था…
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‘लिक्विड ऑक्सीजन’ में ‘डार्लिंग विलेज’

शंभु झा फोटो- कोसी बिहार से अजय कुमार (साभार) मैं अभी हाल में अपने गांव से लौटा हूं। गांव की फितरत साठ के दशक की फिल्मी नायिकाओं जैसी होती है।…
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