Tag archives for श्रद्धांजलि

माटी की खुशबू

“मां को कैसे संभालूंगा बाबूजी…”

माता-पिता के साथ न्यूज़ 24 और इंडिया टीवी के पूर्व मैनेजिंग एडिटर अजित अंजुम वरिष्ट पत्रकार अजित अंजुम के पिता राम सागर प्रसाद सिंह का निधन 20 मार्च की सुबह…
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आईना

पूरे शंख और पुष्प की आभा से कवि केदारनाथ को प्रणाम

यतीन्द्र मिश्र एक शानदार कविता ने जैसे अपना शिखर पा लिया हो। कथ्य की आभा से छिटककर तारे की द्युति सी चमक। केदारनाथ सिंह के निधन का आशय बस इतना भर…
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माटी की खुशबू

बुजुर्गों का अकेलापन और हमारी जिम्मेदारी

पशुपति शर्मा घर के दरवाजे पर हाथ में अखबार लिए बड़ी तल्लीनता से खबरों से बावस्ता मेरे फूफाजी। तस्वीर बुआ के बारहवीं का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद अलसुबह की…
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आईना

वो ‘लम्हे’, ‘चांदनी’ यादें और ‘सदमा’

विकास मिश्रा 13 साल उम्र रही होगी, तब गांव में रेडियो ही मनोरंजन का पूर्ण साधन था। रेडियो सिलोन पर 'बिनाका गीतमाला' सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम था। रात में ये प्रोग्राम…
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माटी की खुशबू

बहुत तकलीफ़देह है नीलाभ का यूं जाना

नमस्ते, कल्पितजी !  मैं नीलाभ मिश्र हूँ, पटना से आया हूँ । नवें दशक का कोई शुरुआती वर्ष था, जब नीलाभ मिश्र मुझसे मिलने अशोक-मार्ग के घर आये थे। नवभारत…
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बिहार/झारखंड

रंगों का कोलाज विकल्प… कुछ रंग अब भी बिखरे हैं

अजीत अंजुम प्यारा सा ये लड़का इस दुनिया में नहीं रहा . विकल्प त्यागी नाम था इसका . फेसबुक पर Zypsy's Story के नाम से प्रोफ़ाइल बना रखी थी .…
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मेरा गांव, मेरा देश

वक़्त ने तीसरी मोहलत नहीं दी

रंजीत कुमार बिल्कुल ठीक-ठीक याद तो नहीं जब पहली बार तुम मिले थे, चैनल लांचिंग से पहले ट्रेनिंग का दौर था जब पहली बार नोटिस किया था मैंने। एक पतला-दुबला…
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माटी की खुशबू

‘अंतरात्मा की पीड़ित विवेक-चेतना’ के कवि को अलविदा

उदय प्रकाश 'आत्मजयी' वह कविता संग्रह था, जिसके द्वारा मैं कुंवर नारायण जी की कविताओं के संपर्क में आया. तब मैं गाँव में था और स्कूल में पढ़ता था. 'आत्मजयी'…
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चौपाल

कुंदन शाह को ‘जाने भी दो यारों’

मयंक सक्सेना कुंदन शाह से दिल्ली में एक पत्रकार के तौर पर मिलना हुआ। पहली बार जब मिला था, तो छात्र था। दूसरी बार पत्रकार।ऑफ द रिकॉर्ड चाय पीते हुए, उनसे…
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आईना

कृष्ण से सम्मोहन वाला सितारा अब गगन में चमकेगा!

देवांशु झा ऐसा सितारा कभी-कभार चमकता है, जिसमें किसी हॉलीवुड हंक सी अदा हो, किसी आदर्श पौराणिक भारतीय चरित्र जैसा सुघड़ रूप हो, जो नायक और खलनायक दोनों ही किरदारों को…
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