Tag archives for श्रद्धांजलि

आईना

अहिंसा धर्म अत्यंत कठिन है- गांधी

पुष्यमित्र के फेसबुक वॉल से साभार आज गांधी जी की पुण्यतिथि है। यह हम सब जानते हैं कि गांधी की हत्या एक सनकी इंसान ने की थी और यह भी…
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गांव के नायक

गांधी तो अब मर रहे हैं आहिस्ता-आहिस्ता

पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार आज बापू की शहादत का दिन है। किसी सिरफिरे ने उन्हें गोली मार दी थी। लेकिन गांधी जैसी शख्सियत की हत्या महज गोली…
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माटी की खुशबू

नेक, ईमानदार, मददगार और सहज इंसान बनने की प्रेरणा थे सुमित मिश्रा

अजीत अंजुम के फेसबुक वॉल से क्या सुमित , तुम ऐसे हम सबको छोड़कर चले गए ? तुम्हारा बेजान जिस्म सामने पड़ा है और यकीं ही नहीं हो रहा कि…
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माटी की खुशबू

वो जानते थे स्नेह के रिश्ते निभाना

पशुपति शर्मा ताऊजी नहीं रहे। वासुदेव ताऊजी, मेरे पिता की करीबी मंडली के उन चेहरों में शुमार थे, जो हर खास मौके पर उनके ईर्द-गिर्द नज़र आते थे। रिश्तों की…
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मेरा गांव, मेरा देश

राजकिशोर का न होना

संजीव कुमार सिंह जनसत्ता की कैच लाइन रही है सबकी खबर दे, सबकी खबर ले। टीवी में काफी समय गुजारने के बाद अपने लिए इसके मायने बदलते लग रहे हैं।…
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माटी की खुशबू

“मां को कैसे संभालूंगा बाबूजी…”

माता-पिता के साथ न्यूज़ 24 और इंडिया टीवी के पूर्व मैनेजिंग एडिटर अजित अंजुम वरिष्ट पत्रकार अजित अंजुम के पिता राम सागर प्रसाद सिंह का निधन 20 मार्च की सुबह…
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आईना

पूरे शंख और पुष्प की आभा से कवि केदारनाथ को प्रणाम

यतीन्द्र मिश्र एक शानदार कविता ने जैसे अपना शिखर पा लिया हो। कथ्य की आभा से छिटककर तारे की द्युति सी चमक। केदारनाथ सिंह के निधन का आशय बस इतना भर…
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माटी की खुशबू

बुजुर्गों का अकेलापन और हमारी जिम्मेदारी

पशुपति शर्मा घर के दरवाजे पर हाथ में अखबार लिए बड़ी तल्लीनता से खबरों से बावस्ता मेरे फूफाजी। तस्वीर बुआ के बारहवीं का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद अलसुबह की…
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आईना

वो ‘लम्हे’, ‘चांदनी’ यादें और ‘सदमा’

विकास मिश्रा 13 साल उम्र रही होगी, तब गांव में रेडियो ही मनोरंजन का पूर्ण साधन था। रेडियो सिलोन पर 'बिनाका गीतमाला' सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम था। रात में ये प्रोग्राम…
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माटी की खुशबू

बहुत तकलीफ़देह है नीलाभ का यूं जाना

नमस्ते, कल्पितजी !  मैं नीलाभ मिश्र हूँ, पटना से आया हूँ । नवें दशक का कोई शुरुआती वर्ष था, जब नीलाभ मिश्र मुझसे मिलने अशोक-मार्ग के घर आये थे। नवभारत…
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