सकारात्मक बदलावों को खोजती शिरीष की किताब “उम्मीद की पाठशाला”

बरुण सखाजी ढहते सरकारी स्कूलों में से उम्मीदें खोजती शिरीष खरे की “उम्मीद की पाठशाला” शिक्षा क्षेत्र की अहम किताब

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बदलाव के रास्ते ‘उम्मीद की पाठशाला’ का सफर

शिरीष खरे उम्मीद की पाठशाला एक किताब भर नहीं बल्कि एक दस्तावेज है, जिसमें गोवा, महाराष्ट्र, मध्य-प्रदेश और छत्तीसगढ़ के

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बाजारवाद के बीच जिंदा है ‘उम्मीद की पाठशाला’

बदलाव प्रतिनिधि इसी देश में जहाँ मध्यवर्ग के बच्चे एसी कमरे में ठाठ से पढ़ाई ही नहीं करते बल्कि उन्हें

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दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है कोल्हापुर का वालवे खुर्द गांव

शिरीष खरे कोल्हापुर के बाकी गांवों की तरह दिखने में यह एक साधारण गांव है। यहां के लोगों को यह

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महाराष्ट्र का एक ऐसा गांव जहां घर की तरह स्कूल भी हैं स्वच्छता की मिसाल

शिरीष खरे बीजापुर से आगे महाराष्ट्र के पश्चिमी छोर की ओर बढ़ा तो एक अलग ही नजारा दिखा ।  जितनी

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सिर्फ कानून नहीं सोच में भी बदलाव लाने की ज़रूरत

शिरीष खरे तीन तलाक विधेयक पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का पक्ष बहुत स्पष्ट है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रेश

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आर्थिक असमानता दूर करने का ‘सियासी’ छलावा !

शिरीष खरे स्वतंत्रता के बाद भारत जैसे विशाल और विविधता सम्पन्न देश में असंतुलन तथा अंतर्विरोधी समाधान के लिए योजना

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ग्राम सभा का इतिहास और ग्राम स्वराज का अधूरा सपना

शिरीष खरेभारत में स्थानीय शासन का अस्तित्व बहुत पुराना है। मध्यकाल के इतिहास में ग्राम-सभा का उल्लेख मिलता है जो

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गांवों में विकास की धीमी रफ्तार और नौकरशाही का ढुलमुल रवैया

शिरीष खरे  भारतीय प्रशासन का वर्तमान ढांचा ब्रिटिश शासकों से विरासत में मिला है। इसी ढांचे के नीचे गांव का विकास

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