Tag archives for शिरीष खरे

मेरा गांव, मेरा देश

सरकार को एहसास नहीं-भूख क्या होती है?

शिरीष खरे शिरीष खरे की बतौर पत्रकार यात्रा की ये चौथी किस्त है। मेलघाट में उन्होंने महसूस किया कि भूख क्या होती है? विचार यात्रा का सिलसिला फिर से शुरू…
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मेरा गांव, मेरा देश

मेलघाट में भूख से मरते बच्चे और 90 के दशक का सन्नाटा

शिरीष खरे मेलघाट में शिरीष, साल 2008 शिरीष खरे की बतौर पत्रकार यात्रा की ये तीसरी किस्त है। मेलघाट से लौटते हुए ट्रेन में उनकी विचार यात्रा का सिलसिला फिर…
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चौपाल

पत्रकार के लिए हत्या की धमकी ही सबसे बड़ी चुनौती नहीं होती

शिरीष खरे शिरीष खरे, मेलघाट की एक तस्वीर (2008) ट्रेन की सामान्य गति से मुंबई की ओर लौटते हुए मेलघाट में जो घटा उसके बारे में सोच रहा हूं। जलगांव…
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आईना

पत्रकारिता की हड़बड़ी और मेरा दृष्टिदोष

शिरीष खरे कुछ बनने की जल्दी में हुआ दृष्टि-दोष, फिर एक दिन अचानक एक घटना से कि जाना निकट की चीजें दूर या दूर की चीजें निकट क्यों दिखाई दे रही हैं। ''जर्नलिस्ट बनने…
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