Tag archives for व्यंग्य

आईना

मी टू का रायता

डा. सुधांशु कुमार इधर मी-टू ने पाँच-दस दिनों में जितना रायता फैला कर दस-बीस लोगों की साँस साँसत में डाल दी , उतना रायता तो बेचारे साठ पार 'दिग्गी' तीस…
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सुन हो सरकार

शिक्षकों पर चादरपोशी की रस्म अदायगी कब तक?

डा. सुधांशु कुमार आज सवेरे-सवेरे श्रीमती जी ने एक प्रश्न प्रक्षेपित कर दिया -'सुना है शिक्षक दिवस के दिन आप सभी शिक्षक सरकार के द्वारा सम्मानित किए जाएंगे ? '…
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माटी की खुशबू

डेढ़ लाख लाशों के क़ातिल देख के मत चलो

शंभु झा ए भाई, देख के मत चलो...आगे भी सड़क तुम्हारे बाप की है, पीछे भी तुम्हारे पप्पा की है। बाएं-दाएं देखने और सोचने की क्या ज़रूरत है। जैसी मर्ज़ी हो, वैसे…
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बिहार/झारखंड

घोंचू उवाच- जैसी बहे बयार ,पीठ तब तैसी दीजिए

ब्रह्मानंद ठाकुर घोंचू भाई खेती - पथारी का काम निबटा कर शाम होते ही मनकचोटन भाई के दरबाजे पर जुम गये। मनकचोटन भाई का दरबाजा  टोले के बुजुर्गों का एक…
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चौपाल

शिक्षा तंत्र के श्राद्ध कर्म के बीच नारद कमीशन

ब्रह्मानंद ठाकुर जिन लोगों ने श्रीलाल शुक्ल का राग दरबारी पढा है, उन्हें नारद कमीशन भी पढना चाहिए। राग दरबारी जहां स्वातंत्रोत्तर भारत के  तत्कालीन सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक…
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आईना

पाठकों को मिलेगा ‘नारद कमीशन’ का आनंद

डा.सुधांशु कुमार ... बात यदि मानवों तक की रहती तो एक बात थी किंतु यहां तो 'छिच्छकों' का अति पेचीदा मामला था। देखने- सुनने में मनुष्य के आकार-प्रकार की तरह…
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सुन हो सरकार

बीजेपी में गजब की पारदर्शिता है!

राकेश कायस्थ बीजेपी के आप कितने बड़े आलोचक क्यों ना हो राजनीतिक जीवन में पारदर्शिता स्थापित करने का क्रेडिट उसे देना ही पडे़गा। कर्नाटक का ड्रामा जिस दिन से शुरू…
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चौपाल

मैं जेल जाना चाहता हूं !

सांकेतिक जी हां ! मैं जेल जाना चाहता हूं !! इसमें कौतूहल वाली कोई बात नहीं, क्योंकि जेल तो हमारी मानव सभ्यता के विकास की चिर संगिनी है । बड़ी…
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