Tag archives for मोदी

चौपाल

क्या राजीव की आड़ में सरकार की नाकामी छिपाने में सफल होंगे मोदी?

पुष्यमित्र राजीव गांधी कोई राजनीति के सन्त नहीं थे। आजकल जो उन्हें सन्त बनाने पर तुले हैं, वे या तो भोले हैं या राजनीति की दुनिया के मक्कार। यह ठीक…
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आईना

शिक्षा के प्रति ‘सुशासन’ की पोल खोलता ‘सिमुलतला’

पुष्यमित्र जमुई गया तो सिमुलतला आवासीय विद्यालय को देखने के मोह से खुद को बचा नहीं सका। जब बिहार में मैट्रिक और इंटरमीडिएट के रिजल्ट आते हैं तो टॉप टेन…
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बिहार/झारखंड

स्वतंत्र पत्रकारिता के नए प्रयोग पर निकल पड़ा है पथिक पुष्यमित्र

फाइल फोटो देश में चुनाव आने वाला है। सरकार अपना गुणगान करने में लगी है और विपक्ष सवाल उठाने में जुटा है । ऐसे में मीडिया का रोल अहम हो…
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चौपाल

‘किसकी है जनवरी, किसका अगस्त है’ ?

ब्रह्मानंद ठाकुर पिछले दिनों देश ने गणतंत्र दिवस का जश्न बड़े धूम-धाम से मनाया । देश की हर गली मोहल्ले में हर साल की तरह जमकर रश्म अदायगी भी हुई…
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चौपाल

राष्ट्रीय परिदृश्य पर हावी संकीर्ण और जनविरोधी सोच

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश के फेसबुक वॉल से साभार किसी की बीमारी पर कटाक्ष नहीं होना चाहिए। किसी को भी बद्दुआ नहीं, हर किसी को शुभकामना देनी चाहिए। बीमारी तो किसी…
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बिहार/झारखंड

आस्था के नाम पर मूर्ख बनाने का घनघोर विश्वास गजब का है

राकेश कायस्थ के फेसबुक वॉल से साभार मेरे गृह राज्य झारखंड में एक मशहूर शिव तीर्थ है। बैजनाथ धाम। जिस तरह किसी भी लोक परंपरा में तीर्थों को लेकर कई…
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सुन हो सरकार

बीजेपी में गजब की पारदर्शिता है!

राकेश कायस्थ बीजेपी के आप कितने बड़े आलोचक क्यों ना हो राजनीतिक जीवन में पारदर्शिता स्थापित करने का क्रेडिट उसे देना ही पडे़गा। कर्नाटक का ड्रामा जिस दिन से शुरू…
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मेरा गांव, मेरा देश

कर्नाटक में फिलहाल तो मोदी ने बढ़त बना ली है

धीरेंद्र पुंडीर सिद्धारामैया को कांग्रेस ने जीत के लिए हर दांव की छूट दी। अलग झंडा, हिंदी से नफरत और लिंगायत जैसे दांव चले- लेकिन मोदी भारी पड़ते दिख रहे…
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मेरा गांव, मेरा देश

कर्नाटक में सिद्धारमैया बनाम मोदी

धीरेंद्र पुंडीर इधर माइक पकड़ा उधर भीड़ ने उत्साह के साथ तालियां बजानी शुरू कर दी। दूर तक नजर जा रही भीड़ उत्साहित दिख रही थी। और फिर सिद्धारमैया ने…
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चौपाल

खामोशियां… मनमोहन से मोदी तलक

रविकिशोर श्रीवास्तव हज़ार जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी...अगस्त 2012 का वो वक्त... जब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह संसद परिसर में मीडिया से मुखातिब हुए... तो टूजी स्पैक्ट्रेम, कोलगेट जैसे मुद्दों…
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