Tag archives for मीडिया

गांव के नायक

विनोद दुआजी, तुस्सी ग्रेट हो!

नदीम एस अख़्तर  कहते हैं जो पेड़ से फल से जितना लदा होता है, वो उतना ही झुका होता है. एक दफा फिर जिंदगी में इसे अपने सामने घटते देखा.…
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मेरा गांव, मेरा देश

पटाखे धीरे चलाओ, स्क्रीन हिली तो सीटें कम हो जाएंगी!

धीरेंद्र पुंडीर ये जीत का जश्न फीका है, ये हार का स्वाद मीठा है। ये गुजरात की उलटबांसी है। सिर्फ जनता चाणक्य है बाकि सब मुहावरे हैं। करोड़ों के कमलम…
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मेरा गांव, मेरा देश

मीडिया से गांव गायब बताना आंचलिक पत्रकारिता की अनदेखी है

शिरीष खरे क्या मीडिया से गांव गायब हो गए हैं? जवाब है- हां। यदि कोई एक जगह से एक जगह को उल्टा होकर लगातार इक टक देखे जा रहा हो…
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बिहार/झारखंड

पत्रकारिता को न्यूज़ चैनलों और अख़बारों में मत तलाशिए

पुष्यमित्र हिंदी पत्रकारिता में आज भी एक स्वतंत्र पत्रकार का सर्वाइवल मुश्किल है। विभिन्न अखबारों में फीचर और आलेख लिखने वाले कुछ सीनियर पत्रकार भी अगर सर्वाइव कर रहे हैं तो…
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यूपी/उत्तराखंड

मी लॉर्ड! कुछ ‘गुनाहों’ का हिसाब अभी बाकी है!

धीरेंद्र पुंडीर अब बौने (हम पत्रकार) किसकी चरित्र हत्या करेंगे। केस में अभी सुप्रीम कोर्ट की दहलीज बाकि है। आरूषि और हेमराज का कत्ल तो कातिल या कातिलों ने किया…
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बिहार/झारखंड

कितने संपादक ‘गणेश विधि’ से LIVE टेस्ट को तैयार हैं?

मनीष कपूर के फेसबुक वॉल से ज्यादातर हिंदी न्यूज चैनलों के संपादक बिहार के हैं। जाहिर है उनमें से ज्यादातर ने बिहार बोर्ड की परीक्षा पास की होगी। उन्हें वो…
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गांव के नायक

इंटरनेट की दुनिया- ‘कुंदन’ घिसता गया, चमक बढ़ती गई

कुंदन शशिराज एक ऐसे युवा के तौर पर अपने साथियों के बीच जाने जाते हैं, जो अपने जुनून के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की…
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मेरा गांव, मेरा देश

ऐसे साक्षात्कारों से ‘मुस्कान’ चुराता था कामता

अभिनेता सानंद वर्मा पिछले कई घंटों से सोशल मीडिया पर कामता सिंह के निधन की सूचना के बाद पत्रकार साथियों के गमजदा संदेश और पोस्ट ने हमें अंदर तक हिलाकर…
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मेरा गांव, मेरा देश

“सरजी एक आइडिया है” वाला कामता चला गया

संजय बिष्ट के फेसबुक वॉल से दुनिया किसी के न रहने के बाद भी चलेगी... वक्त दौड़ेगा वैसे ही आंसूओं को कुचल कर...दुखों के पत्थरों को समय वैसे ही चूर-चूर करेगा...लेकिन…
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बिहार/झारखंड

17 बरस के हो गए गिरीश मिश्र के ‘क्रांति-सूत्र’

आनन्दवर्धन प्रियवत्सलम 4 फरवरी को पटना के बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के दफ्तर में दर्जनों पत्रकार जुटे। गिरीश मिश्र को याद किया और कई पुरानी यादें शेयर कीं।  नोएडा में…
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