Tag archives for मीडिया

मेरा गांव, मेरा देश

विज्ञापन का चाबुक और पत्रकारों का संकट

पुष्यमित्र अमूमन ऐसे मौके कम ही आते हैं, जब पत्रकारों के संकट के बारे में बातें होती हैं। हालांकि पत्रकारिता का संकट इन दिनों जेरे-बहस है और इस देश में…
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गांव के नायक

वैकल्पिक मीडिया पर एक्शन का इससे बेहतर वक़्त नहीं

राकेश कायस्थ के फेसबुक वॉल से साभार लंबे समय बाद गलती से न्यूज़ चैनल ऑन कर बैठा। सबसे हाहाकारी क्राइम शो में सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा की तस्वीरें कुछ…
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गांव के नायक

शिल्पा की मुस्कान से डर कर भागेगा कैंसर

अजीत अंजुम के फेसबुक वॉल से साभार ये शिल्पा जी हैं। हम सबकी दोस्त और हम सबके अजीज राजीव कुमार जी की पत्नी। कुछ महीने एक दिन अचानक पता चला…
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माटी की खुशबू

नेक, ईमानदार, मददगार और सहज इंसान बनने की प्रेरणा थे सुमित मिश्रा

अजीत अंजुम के फेसबुक वॉल से क्या सुमित , तुम ऐसे हम सबको छोड़कर चले गए ? तुम्हारा बेजान जिस्म सामने पड़ा है और यकीं ही नहीं हो रहा कि…
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मेरा गांव, मेरा देश

मीडिया – जो फड़फड़ाएगा उसके पंख काट दिए जाएंगे!

राकेश कायस्थ के फेसबुक वॉल से साभार 14 साल बाद मिलिंद खांडेकर का अचानक एबीपी को अलविदा कहना कईयों को खटक रहा है। 'न्यू इंडिया’ नरेंद्र मोदी की वजह से…
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मेरा गांव, मेरा देश

‘असंभव के विरुद्ध’ एक आवाज़ का यूं गुम हो जाना

कल्पेश जी को भावभीनी श्रद्धांजलि पुष्य मित्र भास्कर के समूह संपादक कल्पेश याग्निक के निधन से पूरा मीडिया जगह स्तब्ध है। हर कोई अपने अपने तरीके से कल्पेश जी को…
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बिहार/झारखंड

घोंचू उवाच- जैसी बहे बयार ,पीठ तब तैसी दीजिए

ब्रह्मानंद ठाकुर घोंचू भाई खेती - पथारी का काम निबटा कर शाम होते ही मनकचोटन भाई के दरबाजे पर जुम गये। मनकचोटन भाई का दरबाजा  टोले के बुजुर्गों का एक…
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मेरा गांव, मेरा देश

राजकिशोर का न होना

संजीव कुमार सिंह जनसत्ता की कैच लाइन रही है सबकी खबर दे, सबकी खबर ले। टीवी में काफी समय गुजारने के बाद अपने लिए इसके मायने बदलते लग रहे हैं।…
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परब-त्योहार

5 लाख गांवों को बर्बाद कर आबाद नहीं हो पाएंगे शहर- नरेंद्र सिंह

पशुपति शर्मा संपादक का कक्ष और एक युवक। किसी मुद्दे पर बातचीत के दौरान तनातनी। युवक अपनी बात पर अड़ गया और संपादक महोदय को खरी-खरी सुना घर लौट आया-…
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महानगर

पत्रकार कुमार नरेंद्र सिंह से खुली बातचीत आज

बदलाव टीम के साथियों के साथ 15 अप्रैल को रूबरू होंगे वरिष्ठ पत्रकार कुमार नरेंद्र सिंह। मार्च महीने से बदलाव ने वरिष्ठ पत्रकारों से मुलाकात और अनौपचारिक बातचीत का सिलसिला शुरू…
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