Tag archives for मीडिया

मेरा गांव, मेरा देश

‘असंभव के विरुद्ध’ एक आवाज़ का यूं गुम हो जाना

कल्पेश जी को भावभीनी श्रद्धांजलि पुष्य मित्र भास्कर के समूह संपादक कल्पेश याग्निक के निधन से पूरा मीडिया जगह स्तब्ध है। हर कोई अपने अपने तरीके से कल्पेश जी को…
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बिहार/झारखंड

घोंचू उवाच- जैसी बहे बयार ,पीठ तब तैसी दीजिए

ब्रह्मानंद ठाकुर घोंचू भाई खेती - पथारी का काम निबटा कर शाम होते ही मनकचोटन भाई के दरबाजे पर जुम गये। मनकचोटन भाई का दरबाजा  टोले के बुजुर्गों का एक…
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मेरा गांव, मेरा देश

राजकिशोर का न होना

संजीव कुमार सिंह जनसत्ता की कैच लाइन रही है सबकी खबर दे, सबकी खबर ले। टीवी में काफी समय गुजारने के बाद अपने लिए इसके मायने बदलते लग रहे हैं।…
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परब-त्योहार

5 लाख गांवों को बर्बाद कर आबाद नहीं हो पाएंगे शहर- नरेंद्र सिंह

पशुपति शर्मा संपादक का कक्ष और एक युवक। किसी मुद्दे पर बातचीत के दौरान तनातनी। युवक अपनी बात पर अड़ गया और संपादक महोदय को खरी-खरी सुना घर लौट आया-…
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महानगर

पत्रकार कुमार नरेंद्र सिंह से खुली बातचीत आज

बदलाव टीम के साथियों के साथ 15 अप्रैल को रूबरू होंगे वरिष्ठ पत्रकार कुमार नरेंद्र सिंह। मार्च महीने से बदलाव ने वरिष्ठ पत्रकारों से मुलाकात और अनौपचारिक बातचीत का सिलसिला शुरू…
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अतिथि संपादक

बदलाव के अतिथि संपादक की मीडिया से अपेक्षाएं और उनके संकल्प

डाॅ. संजय पंकज मीडिया की महती भूमिका से आज सम्पूर्ण विश्व सुपरिचित है। दिनानुदिन नई-नई तकनीकों और सुविधाओं से लैस होता हुआ मीडिया-जगत संसार के कोने-कोने तक अपनी पैठ बना…
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आईना

न्यूज़ संस्थान अपनी विचारधारा सार्वजनिक कर दें-अजय कुमार

चित्रा अग्रवाल  “अगर न्यूज़ ऑर्गनाइजेशन्स को अपनी विश्वसनीयता बरकरार रखनी हैं, तो उन्हें अपनी आईडियोलॉजीस, अपनी विचारधारा को सार्वजनिक कर देना चाहिए। क्योंकि हम माने या ना माने, एक पत्रकार…
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परब-त्योहार

लोकतंत्र की काग़ज़ी खूबसूरती ज़मीन पर कब उतरेगी- उर्मिलेश

पशुपति शर्मा "हिंदुस्तान जितना खूबसूरत लोकतंत्र काग़जों पर है, उतना खूबसूरत लोकतंत्र ज़मीन पर नहीं दिखता। जबकि यूरोप के कई मुल्क ऐसे हैं जहां कोई लिखित संविधान नहीं है, जहां…
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बदलाव की पाठशाला

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश से बातें आज सुबह 11 बजे

  बदलाव टीम वरिष्ठ पत्रकारों से मुलाकात और अनौपचारिक बातचीत का सिलसिला शुरू आज से कर रही है। हमें खुशी है कि इस सिलसिले की शुरुआत हम वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश…
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बिहार/झारखंड

रंगों का कोलाज विकल्प… कुछ रंग अब भी बिखरे हैं

अजीत अंजुम प्यारा सा ये लड़का इस दुनिया में नहीं रहा . विकल्प त्यागी नाम था इसका . फेसबुक पर Zypsy's Story के नाम से प्रोफ़ाइल बना रखी थी .…
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