Tag archives for मीडिया

मेरा गांव, मेरा देश

टीवी की डिबेट का स्तर चौक-चौराहे की चर्चा से भी बदतर-सच्चिदानंद जोशी

बदलाव प्रतिनिधि, गाजियाबाद प्रेस की स्वतंत्रता एवं मीडिया का आत्म नियमन विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया संगोष्ठी गाजियाबाद के वैशाली में हुई। निस्कार्ट मीडिया कॉलेज, वैशाली गाजियाबाद और यूरेका…
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बिहार/झारखंड

स्वतंत्र पत्रकारिता के नए प्रयोग पर निकल पड़ा है पथिक पुष्यमित्र

फाइल फोटो देश में चुनाव आने वाला है। सरकार अपना गुणगान करने में लगी है और विपक्ष सवाल उठाने में जुटा है । ऐसे में मीडिया का रोल अहम हो…
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आईना

निखिल दुबे पर पूरी हुई इंडिया न्यूज की ‘तलाश’

टीम बदलाव 20 नवंबर को इंडिया न्यूज़ के साथ निखिल दुबे ने बतौर एग्जीक्यूटिव एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत कर सबको हैरत में डाल दिया । उन्हें आउटपुट की…
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मेरा गांव, मेरा देश

विज्ञापन का चाबुक और पत्रकारों का संकट

पुष्यमित्र अमूमन ऐसे मौके कम ही आते हैं, जब पत्रकारों के संकट के बारे में बातें होती हैं। हालांकि पत्रकारिता का संकट इन दिनों जेरे-बहस है और इस देश में…
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गांव के नायक

वैकल्पिक मीडिया पर एक्शन का इससे बेहतर वक़्त नहीं

राकेश कायस्थ के फेसबुक वॉल से साभार लंबे समय बाद गलती से न्यूज़ चैनल ऑन कर बैठा। सबसे हाहाकारी क्राइम शो में सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा की तस्वीरें कुछ…
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गांव के नायक

शिल्पा की मुस्कान से डर कर भागेगा कैंसर

अजीत अंजुम के फेसबुक वॉल से साभार ये शिल्पा जी हैं। हम सबकी दोस्त और हम सबके अजीज राजीव कुमार जी की पत्नी। कुछ महीने एक दिन अचानक पता चला…
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माटी की खुशबू

नेक, ईमानदार, मददगार और सहज इंसान बनने की प्रेरणा थे सुमित मिश्रा

अजीत अंजुम के फेसबुक वॉल से क्या सुमित , तुम ऐसे हम सबको छोड़कर चले गए ? तुम्हारा बेजान जिस्म सामने पड़ा है और यकीं ही नहीं हो रहा कि…
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मेरा गांव, मेरा देश

मीडिया – जो फड़फड़ाएगा उसके पंख काट दिए जाएंगे!

राकेश कायस्थ के फेसबुक वॉल से साभार 14 साल बाद मिलिंद खांडेकर का अचानक एबीपी को अलविदा कहना कईयों को खटक रहा है। 'न्यू इंडिया’ नरेंद्र मोदी की वजह से…
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मेरा गांव, मेरा देश

‘असंभव के विरुद्ध’ एक आवाज़ का यूं गुम हो जाना

कल्पेश जी को भावभीनी श्रद्धांजलि पुष्य मित्र भास्कर के समूह संपादक कल्पेश याग्निक के निधन से पूरा मीडिया जगह स्तब्ध है। हर कोई अपने अपने तरीके से कल्पेश जी को…
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बिहार/झारखंड

घोंचू उवाच- जैसी बहे बयार ,पीठ तब तैसी दीजिए

ब्रह्मानंद ठाकुर घोंचू भाई खेती - पथारी का काम निबटा कर शाम होते ही मनकचोटन भाई के दरबाजे पर जुम गये। मनकचोटन भाई का दरबाजा  टोले के बुजुर्गों का एक…
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