करोगे याद तो हर बात याद आएगी

कहां तक मन को ये अंधेरे छलेंगे, उदासी भरे दिन कभी तो ढलेंगे। 29 मई की रात हरेंद्र भाई ने

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‘एक दिन के मेहमान’ के मेजबानों का शुक्रिया

पशुपति शर्मा   अभिनेता, नाटकों के बाद हमेशा आत्ममुग्ध हो जाया करते हैं। कभी-कभी मैं भी इसका शिकार हो जाता

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न्यूज़ संस्थान अपनी विचारधारा सार्वजनिक कर दें-अजय कुमार

चित्रा अग्रवाल  “अगर न्यूज़ ऑर्गनाइजेशन्स को अपनी विश्वसनीयता बरकरार रखनी हैं, तो उन्हें अपनी आईडियोलॉजीस, अपनी विचारधारा को सार्वजनिक कर

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‘अलिफ़’-तालीम की नसीहत, मोहब्बत का फलसफा

पशुपति शर्मा जैग़म इमाम की फिल्म अलिफ़ अब सिनेमाघरों में लग चुकी है। करीब 6 महीने पहले जैग़म ने फिल्म

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कान्हा करेगा ‘सुदीप’ तेरा इंतज़ार, हो सके तो आना ज़रूर

राकेश कुमार मालवीय उफ ! वक्त तुम कितने बुजदिल हो। दो साल पहले सुदीप पत्रकारिता में एक नई जगह पर

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होने और न होने का अफसोस

साथी विनय तरुण के नाम पर एक और आयोजन रायपुर में हो रहा है। एक बार फिर विनय की यादें

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गाता रहे फूलों सा ये दिल…

हमारे आपके आस-पास कई लोग ऐसे होते हैं, जिनकी जिंदादिली एक मिसाल बन जाती है। ऐसे ही एक जिंदादिल इंसान

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24 X 7… ये फ्री सेवा तो गुरुओं की ही है!

सत्येंद्र कुमार लोग कहते हैं कि ज्ञान घोलकर नहीं पिलाया जा सकता लेकिन मेरी ज़िंदगी में ऐसे कई गुरु हैं,

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