Tag archives for मदर्स डे

परब-त्योहार

सासू मां से प्रेम किया तो सारा डर भाग गया

जूली जयश्री हाई स्कूल में हमारे एक टीचर थे , पाठक जी पढाते तो अंग्रेजी थे लेकिन अंग्रेजी से ज्यादा उनपर बेटियों में संस्कार बोने का दायित्व था ! उनका फेवरेट डॉयलाग…
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परब-त्योहार

मां जैसा कोई डांटता नहीं

रुपेश कुमार मां जैसा  कोई डांटता नहीं मां जैसा कोई  मनाता भी नहीं ! सबसे छुपा कर जतन से बचा कर वो फटोना औ मिठाई कोई  खिलाता भी नहीं !…
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परब-त्योहार

मेरी मां ने शिकायत करना ही नहीं सीखा

सर्बानी शर्मा माया शर्मा, सर्बानी शर्मा की मां मेरी मां। मां नहीं भाभी। वो हमारी मां नहीं बन पाईं कभी। हम उसे बचपन से ही भाभी कहकर पुकारते रहे हैं।…
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… क्योंकि वह मेरी मां है!

माँ माँ यानि सिर्फ एक शब्द नहीं होता एक संस्कृति होती है एक संस्कार होता है एक परंपरा और एक पूरी की पूरी पाठशाला भी। माँ सिर्फ माँ होती है…
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