Tag archives for बिहार

गांव के नायक

एसी वाले ‘बाबाओं’ की क्रांति और घोंचू भाई का मंत्र

ब्रह्मानंद ठाकुर फोटो- अजय कुमार, कोशी विप्लव जी इन दिनों गांव आए हुए है। इनका मूल नाम समरेन्द्र कुमार है लेकिन महानगर में जाकर जब लेखकीय पेशा अपना लिए तब…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

अस्पताल के नाम पर दोहरा फर्जीवाड़ा, जमीन दानदाता से धोखा

ब्रह्मानंद ठाकुर आज से 6 साल पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर जिले के पिलखी मे बूढीगंडक नदी पर बने पुल का शिलान्यास करने आए थे। उसी दिन मौका पाकर स्थानीय…
और पढ़ें »
चौपाल

टॉयलेट का फ्लश और आंकड़ों का ‘ओवरफ्लो’?

साजिद अशरफ पीएम मोदी का दावा है कि, बिहार में एक हफ्ते में 8 लाख 50 हजार से ज्यादा शौचालय बनाए गए। अगर ये सच है तो मान लीजिये कि…
और पढ़ें »
आईना

स्वच्छ भारत मिशन और बिहार

10 अप्रैल 2018, दिन मंगलवार । पीएम मोदी ने चंपारण की धरती से सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह को धार दी और सफाई अभियान को और तेज करने की अपील की ।…
और पढ़ें »
बिहार/झारखंड

क्यों अलग राज्य बना बिहार ?

बिहार, जो मगध साम्राज्य के रूप में एक जमाने में लगभग 650 साल तक देश की राजनीति का केंद्र रहा था। जिस मगध साम्राज्य की सीमा इतनी विस्तृत थी कि…
और पढ़ें »
माटी की खुशबू

8 साल बाद जारंग गांव में लौटी ‘उम्मीदों के स्कूल’ की रौनक

ब्रह्मानंद ठाकुर आखिर क्या वजह है कि जब कोई मंत्री या नेता गांव-गिराव में जाता है तभी प्रशासन को वहां की बदइंतजामियों की चिंता सताती है, क्या बिना मुख्यमंत्री, मंत्री…
और पढ़ें »
खेती-बाड़ी

बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए बड़ा गिफ्ट… फिलिपींस से खुशहाली की ख़बर

फोटो साभार- प्रभात ख़बर तीन हफ्ते लंबी बाढ़ को भी मात दे रही है धान की यह नयी वेराइटी. बिहार के सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड के तिलक ताजपुर गांव…
और पढ़ें »
परब-त्योहार

छठी मइया अईली पहुनवा हो रामा …

रीमा प्रसाद, टीवी पत्रकार मां,  सबसे पहले तो माफ़ी देना कि अबकी बरस मैं छठ में नहीं आ रही हूं। मैं जानती हूं इतना कह देने भर से मेरी ज़िम्मेदारी…
और पढ़ें »
सुन हो सरकार

ऐ पटना, चंचल ने छोड़ दिया तेरा हर ‘मोहल्ला’

पुष्यमित्र एसिड हमले की शिकार चंचल पासवान नहीं रही। एक खबर मेरे लिए किसी झटके से कम नहीं थी। वैसे तो पिछले दो साल में बिहार के एसिड हमले की शिकार…
और पढ़ें »
माटी की खुशबू

ढूंढिए… आपके आस-पास ही हैं ‘कबीर के लोग’

पुष्य मित्र बोरिंग कैनाल रोड पर अक्सर एक गाड़ी दिखती थी, जिसके पीछे लिखा होता था- कबीर के लोग। मैं अक्सर सोचता कि पटना में ऐसा कौन प्रगतिशील व्यक्ति है,…
और पढ़ें »