Tag archives for बिहार

खेती-बाड़ी

बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए बड़ा गिफ्ट… फिलिपींस से खुशहाली की ख़बर

फोटो साभार- प्रभात ख़बर तीन हफ्ते लंबी बाढ़ को भी मात दे रही है धान की यह नयी वेराइटी. बिहार के सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड के तिलक ताजपुर गांव…
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परब-त्योहार

छठी मइया अईली पहुनवा हो रामा …

रीमा प्रसाद, टीवी पत्रकार मां,  सबसे पहले तो माफ़ी देना कि अबकी बरस मैं छठ में नहीं आ रही हूं। मैं जानती हूं इतना कह देने भर से मेरी ज़िम्मेदारी…
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सुन हो सरकार

ऐ पटना, चंचल ने छोड़ दिया तेरा हर ‘मोहल्ला’

पुष्यमित्र एसिड हमले की शिकार चंचल पासवान नहीं रही। एक खबर मेरे लिए किसी झटके से कम नहीं थी। वैसे तो पिछले दो साल में बिहार के एसिड हमले की शिकार…
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माटी की खुशबू

ढूंढिए… आपके आस-पास ही हैं ‘कबीर के लोग’

पुष्य मित्र बोरिंग कैनाल रोड पर अक्सर एक गाड़ी दिखती थी, जिसके पीछे लिखा होता था- कबीर के लोग। मैं अक्सर सोचता कि पटना में ऐसा कौन प्रगतिशील व्यक्ति है,…
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आईना

गांधी की ‘कर्मभूमि’ पर आज रो रही हैं ‘कस्तूरबा’

ब्रह्मानंद ठाकुर देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की चंपारण शताब्दी वर्ष मना रहा है । दिल्ली से लेकर बिहार तक प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री सभी बड़े-बड़े कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे…
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अतिथि संपादक

जानिए मशरूम की खेती का आसान तरीका

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारे देश का अन्नदाता बदहाल है, लेकिन सरकारें खुशहाल । कोई किसानों की कर्जमाफी का वादा करता है तो कोई बिजली का बिल माफ करने का भरोसा देता…
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सुन हो सरकार

‘देशभक्ति’ की बहस के बीच कौन सुनेगा फरकिया की गुहार?

पुष्यमित्र जरा इस तसवीर को देखिये, आधा दर्जन से अधिक लोगों की बाहों में स्लाइन की बोतलें लगी हुई हैं। फिर भी वे अनशन स्थल से हटने के लिए तैयार…
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बिहार/झारखंड

भुईली के ‘रायबहादुरों’ ने दिल्ली में लिया बड़ा संकल्प

संजीव कुमार सिंह भुईली के साथियों का दिल्ली में मिलन। सिर मुड़ाते ही ओले पड़ने की कहावत खूब सुनी है, लेकिन इस बार अपने अरमानों पर ओले पड़े। 26 जनवरी…
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बिहार/झारखंड

फूस की झोपड़ी में छिपा कोसी का दर्द

फोटो- अजय कुमार पुष्यमित्र कोसी के तट पर बसे लोगों का दर्द वही समझ सकता है जो या तो वहां रहता हो या फिर वहां के लोगों को के दर्द…
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बिहार/झारखंड

कितने पत्रकारों की हत्या के बाद जागेगी सरकार?

पुष्यमित्र घुमक्कड़ पत्रकारिता की अपनी नौकरी की वजह से अक्सर ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकार साथियों से मिलना-जुलना होता रहता है। कुछ साथियों के घर भी चला जाता हूँ। पिछले दिनों…
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