Tag archives for फिल्म समीक्षा

आईना

दलितों का रोजमर्रा का संघर्ष -“लाइफ ऑफ एन आउटकास्ट ”

चित्रा अग्रवाल फिल्म लाइफ ऑफ एन आउटकास्ट का दृश्य मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई करने वाले अच्छे से जानते हैं कि सिनेमा बस मनोरंजन नहीं बल्कि अपनी बात को जनमानस तक…
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आईना

समाज को खुला ‘चैलेंज’ अंडर माय बुर्का…

स्वाती बीते दिनों ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ देखी। जब देखने जा रही थी यह फिल्म और जब लौट रही थी देख कर इसे, फिल्म को लेकर मेरी राय बिलकुल अलग…
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चौपाल

हिंदी मीडियम- ‘गिल्ट’ की परतें और ‘गांठों’ को उधेड़ती फिल्म

नीतू सिंह फिल्म निर्देशक साकेत चौधरी निर्देशक साकेत चौधरी की फिल्म हिंदी मीडियम का नाम सुनकर हमारे बीच बहुत से लोगों को दिली खुशी मिली होगी। वे लोग जिन्होंने खुद…
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आईना

‘गमन’-40 साल बाद ‘कशमकश’ का एहसास

विभावरी फिल्म थी 1978 में बनी मुज़फ्फर अली की 'गमन'| रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन करती युवा पीढ़ी और शहर की तमाम चकाचौंध के बीच अपनी ज़िंदगी…
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गांव के नायक

कितने शहरों में कितने माही गुम हो गए !

राकेश कायस्थ हर फिल्मी कहानी में थोड़ा-बहुत हिस्सा हमारी अपनी जिंदगिंयों का भी होता है। महेंद्र सिंह धोनी की अनकही कहानी देखते हुए यादों के बहुत से पुराने पन्ने खुल गये।…
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