Tag archives for पत्रकारिता

गांव के नायक

विनोद दुआजी, तुस्सी ग्रेट हो!

नदीम एस अख़्तर  कहते हैं जो पेड़ से फल से जितना लदा होता है, वो उतना ही झुका होता है. एक दफा फिर जिंदगी में इसे अपने सामने घटते देखा.…
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बिहार/झारखंड

पत्रकारिता को न्यूज़ चैनलों और अख़बारों में मत तलाशिए

पुष्यमित्र हिंदी पत्रकारिता में आज भी एक स्वतंत्र पत्रकार का सर्वाइवल मुश्किल है। विभिन्न अखबारों में फीचर और आलेख लिखने वाले कुछ सीनियर पत्रकार भी अगर सर्वाइव कर रहे हैं तो…
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बिहार/झारखंड

17 बरस के हो गए गिरीश मिश्र के ‘क्रांति-सूत्र’

आनन्दवर्धन प्रियवत्सलम 4 फरवरी को पटना के बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के दफ्तर में दर्जनों पत्रकार जुटे। गिरीश मिश्र को याद किया और कई पुरानी यादें शेयर कीं।  नोएडा में…
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