Tag archives for नाट्य समीक्षा

परब-त्योहार

व्यक्ति की इच्छाओं का द्वंद्व- हयवदन

संगम पांडेय अक्षरा थिएटर में लाइट्स वगैरह की कई असुविधाएँ भले हों, पर इंटीमेट स्पेस में प्रस्तुति का घनत्व अपने आप काफी बढ़ जाता है। फिर वशिष्ठ उपाध्याय की प्रस्तुति…
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परब-त्योहार

मेघदूत में ‘राम की शक्तिपूजा’

संगम पांडेय कथक नृत्यांगना प्रतिभा सिंह निर्देशित प्रस्तुति ‘राम की शक्तिपूजा’ में सबसे ज्यादा जो चीज दिखती है वो है मनोयोग। उनके नाट्यग्रुप ‘कलामंडली’ में शास्त्र-निपुण कलाकारों से लेकर दिल्ली…
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माटी की खुशबू

आजमगढ़ का शारदा टाकीज बना रंगमंच का नया ठीहा

संगम पांडेय आजमगढ़ के उजाड़ और खस्ताहाल शारदा टाकीज को अभिषेक पंडित और ममता पंडित ने रंगमंच के लोकप्रिय ठीहे में बदल दिया है। सिनेमा मालिकों से पाँच साल के…
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