Tag archives for नाटक

चौपाल

झाड़ीपट्टी के ‘सितारों’ का अपना संघर्ष है- अनिरुद्ध वनकर

अनिरुद्ध वनकर अक्सर जब हम महाराष्ट्र की लोक कला शैलियों की बात करते हैं तो हमारे जेहन में ‘तमाशा’, गोंधल, पोवाडा, और कीर्तन की परंपरा आती है। पर शायद काफी…
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आईना

एम के रैना का नाटक गांधी को बनाता है बच्चों का ‘रॉकस्टार’

ललित सिंह                        जब- जब समाज में हिंसा, दर्प और नैराश्य की स्थिति हावी होने लगती है तब एक रौशनी…
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आईना

शहीद सैनिकों का ‘दफ़न-विद्रोह’ और मंच पर ‘ज़िंदा’ सवाल

मोहन जोशी बरी द डेड नाटक का एक दृश्य मशहूर लेखक व दार्शनिक ‘ज्यां पॉल सात्रे’ ने कहा था ‘ यदि आप जीत का वृतांत सुन लें , तो आपके लिए हार…
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आईना

नेमिजी के होने न होने के 100 बरस

रवीन्द्र त्रिपाठी नेमि शती समारोह के दौरान पुस्तक विमोचन। किसी बड़े रचनाकार की जन्मशती के मौके पर ये सवाल उठ सकता है कि उसे किस रूप में याद रखा जाए?…
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चौपाल

बनारस में कथानक को इम्प्रेशन में बदलता ‘मैकबेथ’

संगम पांडेय व्योमेश शुक्ल की नई प्रस्तुति ‘बरनम वन’ का कलेवर मैकबेथ की तमाम होती रही प्रस्तुतियों में काफी मौलिक और नया है। यह खाली-मंच पर पश्चिमी ऑपेरा की मानिंद…
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परब-त्योहार

जब पिता मेहमान बनकर अपने ही घर पहुंचा

प्रतिभा ज्योति 'एक दिन का मेहमान' जैसे ही घर आता है, तनाव पसर जाता है. घर की बच्ची चुपचाप है और घर की औरत दूसरे फ्लोर पर अपने कमरे में…
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मेरा गांव, मेरा देश

ग़ाज़ियाबाद में आज ‘एक दिन के मेहमान’ का मंचन

  गाजियाबाद के इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में आज दिनांक 17 जून दिन रविवार की शाम 7 बजे एक दिन का मेहमान की प्रस्तुति की जा रही है। संस्कृति मंत्रालय, केंद्र…
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महानगर

य़थार्थवाद के ठप्पे को ध्वस्त करता रवि तनेजा का कोणार्क

संगम पांडेय रवि तनेजा की प्रस्तुति कोणार्क अकेला ऐसा नाटक है जिसे मैंने देखने के पहले ही पढ़ रखा था। कुछ लोग इसे व्यवस्थित ढंग से लिखा गया हिंदी का…
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बिहार/झारखंड

जब सेल्युकस को पर्दे के पीछे गिफ्ट में मिला पार्कर पेन

ब्रह्मानंद ठाकुर बात 1965 की है। मैंने गांव के बेसिक स्कूल से सातवीं कक्षा पास कर उसी कैम्पस के सर्वोदय हाई स्कूल की 8 वीं कक्षा मे दाखिला लिया था।…
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परब-त्योहार

राजा शिव छत्रपति सिर्फ महानाट्य नहीं है!

सच्चिदानंद जोशी जो लोग राजा शिव छत्रपति को सिर्फ एक महानाट्य मान कर देखने जा रहे हैं, वो एक भारी भूल कर रहे हैं। राजा शिव छत्रपति एक नाटक से…
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