Tag archives for दलित आंदोलन

चौपाल

किसके डर की अभिव्यक्ति है भीमा-कोरेगांव की घटना

ब्रह्मानंद ठाकुर जहां तर्क और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सिरे से नकारते हुए अंधविश्वास, कूपमंडूकता  और अतार्किक मानसिकता को बढावा देकर आर्थिक और सामाजिक विषमता की खाई चौड़ी करने में ही…
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गांव के नायक

विनोद दुआजी, तुस्सी ग्रेट हो!

नदीम एस अख़्तर  कहते हैं जो पेड़ से फल से जितना लदा होता है, वो उतना ही झुका होता है. एक दफा फिर जिंदगी में इसे अपने सामने घटते देखा.…
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मेरा गांव, मेरा देश

सोशल इंजीनियरिंग की सियासी ‘माया’

पीयूष बबेले पिछले अंक में आपने पढ़ा कि किस तरह कांशीराम के संघर्षों से बीएसपी दलित वर्ग में अपनी पैठ बना चुकी थी । 1993 में समाजवादी पार्टी के साथ…
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