23-24 फरवरी को गांव हरदुआ में ‘माटी-पानी’ का न्योता

सईद अयूब के फेसबुक वॉल से साभार माटी पानी’ की ओर से गाँव हरदुआ में पुस्तकालय स्थापना के अवसर पर

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ऐ गांव विकास चाहता है, बता तेरी जाति क्या है?

आशीष सागर दीक्षित हिंदुस्तान आजादी की 70वीं सालगिरह मनाने जा रहा है। एक बार फिर देश के मुखिया लालकिले की

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गांव की फिल्म मेकर ने जीता अवॉर्ड

रुपेश गुप्ता करीब डेढ़ साल पहले की बात है। छत्तीसगढ़ की मैनपाट और मांझी जनजाति अचानक सुर्खियों में आ गई।

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विकास की आड़ में ‘विनाश’ का मीठा ज़हर घुल रहा है ?

एम अखलाक ”भारत का पूंजीवादी विकास मॉडल शोषण पर आधारित है। इससे समाज का एकतरफा विकास हो रहा है, जबकि

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‘स्टार्ट अप’ से ‘स्टैंड अप’ तक… कहीं वो तमाशबीन ही न रह जाएं?

राजेंद्र तिवारी अस्सी के दशक में जब आर्थिक ‘ट्रिकल डाउन’ थ्योरी आयी थी और नब्बे के दशक में जब हमारी

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अमेरिका से लौटी ‘भक्तन’ बदल रही है गांव

सत्येंद्र कुमार यादव सपनों ने उड़ान भरी और वो पहुंच गई अमेरिका, लेकिन पिता का दिल बेटी की कामयाबी विदेश

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