Tag archives for गांव

मेरा गांव, मेरा देश

चुनावी साल में चलो गांव के विकास का शोर तो है!

बब्बन सिंह मित्रो, हम एक सामान्य व्यक्ति हैं जो संयोग से पत्रकारिता के पेशे में हैं, जैसे आप किसी और पेशे में. हम किसी प्रकार का दंभ नहीं पालते कि…
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मेरा गांव, मेरा देश

मीडिया से गांव गायब बताना आंचलिक पत्रकारिता की अनदेखी है

शिरीष खरे क्या मीडिया से गांव गायब हो गए हैं? जवाब है- हां। यदि कोई एक जगह से एक जगह को उल्टा होकर लगातार इक टक देखे जा रहा हो…
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माटी की खुशबू

सियासी शिकंजे से किसान छूटें तो बदलेगी ज़िंदगी

केदार सिरोही आदिकाल से कृषि हमारे देश की अर्थव्यवथा की रीढ़ की हड्डी रही है। आज वही खुद को बचाने के लिए बदलाव तलाश रही है। देश की अर्थव्यवस्था को…
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बिहार/झारखंड

विकास की अंधी दौड़ में बिगड़ रहा गांव का ताना-बाना

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारा गांव अब पूरी तरह से वैश्विक बाजार के हवाले हो गया है। खाने-खाने-पीने की चीजों से लेकर ओढना-बिछौना, रेडिमेड से लेकर थान वाले कपड़े, जूते- चप्पल, ऋंगार…
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मेरा गांव, मेरा देश

आखिर अहिंसा के पुजारी का घर अशांत क्यों ?

प्रिय बापू, "हैप्पी बर्थ डे!" हम जब से स्कूल जाना शुरू किये तभी से आपका जन्मदिन मना रहे,ये अलग बात है कि कभी दो लड्डू के लालच में और बाद…
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गांव की गलियां

सहरसा के आरण गांव में नाचे मन ‘मोर’

सभी फोटो- बिपिन कुमार सिंह पुष्य मित्र आपके घर के बाहर अगर मोर नज़र आ जाए तो बरबस ही मन नाच उठेगा और बचपन की धुंधली यादें ताजा हो जाएंगी…
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चौपाल

गांव की कब्र पर बनेंगे स्मार्ट शहर, पढ़ लो मर्सिया

नरेंद्र अनिकेत संघ के सर्वेसर्वा मोहन भागवत ने इंदौर के तथाकथित आध्‍यात्मिक नेता (जैसा कि संघ और भाजपा अपने आपको और अपने गढ़े गए समर्थकों के बारे में प्रचारित करते…
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‘लिक्विड ऑक्सीजन’ में ‘डार्लिंग विलेज’

शंभु झा फोटो- कोसी बिहार से अजय कुमार (साभार) मैं अभी हाल में अपने गांव से लौटा हूं। गांव की फितरत साठ के दशक की फिल्मी नायिकाओं जैसी होती है।…
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बिना बिजली के चुनावी ‘करंट’ दौड़ रहा है!

अरविंद पांडेय बाहर लालटेन जल रही है...जो छज्जे पर लगे हुक के सहारे टांग दी गई है। रोशनी इतनी ही है कि चेहरे के अलावा कुछ देखने के लिए आंखों…
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मुझे दुलराता है, मेरे गांव का स्टेशन

शंभु झा मेरा गांव रेलवे लाइन के किनारे है। गांव की ज़मीन पर ही रेलवे स्टेशन बसा है। स्टेशन बसा है, जैसे घर बसता है। स्टेशन हमेशा मुझे घर जैसा…
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