देश की राजधानी में किसानों का मेला

अरुण यादव दिल्ली में कृषि मेला। राजधानी का ताना-बाना खेत-खलिहान वाला नहीं है, लेकिन पिछले हफ्ते देश के सबसे बड़े

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नेताजी, गांवों को जो कहना था कह गए

सत्येंद्र कुमार यूपी पंचायत चुनाव के नतीजे सियासी दलों को आईना दिखाने के लिए काफी हैं । इस चुनाव ने

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समंदर में एक गांव ‘प्यासा’

एक ऐसा गांव जो समंदर के बीच खड़ा है। सूरज की रोशनी, बारिश का पानी और समंदर की मछलियों से ही

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गांव शहर बना तो हम हिन्दू-मुस्लिम हो गए !

ज़ैग़म मुर्तज़ा क़रीब दो दशक पहले गांव जाना हमारे लिए अंतर्राष्ट्रीय पिकनिक से कम न था। हफ्ता भर पहले तैयारियां

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पिंडी में गांव की गरिमा का महोत्सव

  सत्येंद्र कुमार तेरे शहर से तो कहीं अच्छा है मेरा गांव। चमक रहा है, दमक रहा है, महक रहा

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32 लाख का रपटा, पहली बारिश में निपटा !

नरैनी, बाँदा – दोआबा क्षेत्र के अति पिछड़े गाँव शाहपाटन का हाल भी अजब है। यहाँ सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान और

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