पुष्यमित्र पारिवारिक वजहों से लगभग आधा अगस्त महीना सहरसा आते-जाते गुजरा। इस दौरान मैने महसूस किया कि सड़क मार्ग से सहरसा से मधेपुरा जाने में ठीक-ठाक हिम्मती लोग भी घबरा…
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