Tag archives for किसान

मेरा गांव, मेरा देश

हाईब्रिड से पैदावार बढ़ी, लेकिन जमीन की उर्वरता पर असर

ब्रह्मानन्द ठाकुर 21वीं सदी का हिंदुस्तान तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश का किसान इस रेस में पिछड़ता जा रहा है यही नहीं किसानों के साथ-साथ जमीन की…
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बिहार/झारखंड

पूंजीपति रहेंगे मस्त तो किसान रहेंगे पस्त

ब्रह्मानंद ठाकुर तमिलनाडु के किसानों का आंदोलन और मध्य प्रदेश के मंदसौर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलनकारी किसानों पर पुलिसिया जुल्म के बाद तमाम किसान संगठन एक मंच पर…
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माटी की खुशबू

सियासी शिकंजे से किसान छूटें तो बदलेगी ज़िंदगी

केदार सिरोही आदिकाल से कृषि हमारे देश की अर्थव्यवथा की रीढ़ की हड्डी रही है। आज वही खुद को बचाने के लिए बदलाव तलाश रही है। देश की अर्थव्यवस्था को…
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बिहार/झारखंड

दाल उत्पादन में आत्म निर्भर होने का फॉर्मूला क्या है?

दलहनी फसलों का उत्पादन न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की एक गम्भीर समस्या है। सरकार के लाख प्रयास के बावजूद देश दाल के उत्पादन के मामले में अब तक …
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बिहार/झारखंड

हाईब्रिड बीज के मायाजाल से कैसे निकले किसान?

ब्रह्मानंद ठाकुर ये कैसी विडंबना है कि देश का किसान जो हर हिंदुस्तानी का पेट भरता है आज वही मर रहा है। सरकार की नीतियों के बोझ तले दबकर किसान…
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मेरा गांव, मेरा देश

क्या ऐसे ही खुशहाल होगा देश का अन्नदाता ?

ब्रह्मानंद ठाकुर “बाधाएं आती हैं आएं, घिरे प्रलय की घोर घटाएं पावों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसे यदि ज्वालाएं । निज हाथो में हंसते–हंसते, आग लगा कर जलना होगा…
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चौपाल

फसलों का ‘समर्थन मूल्य’ किसानों के साथ ‘धोखा’

ब्रह्मानंद ठाकुर 'यहां तक आते आते सूख जाती है नदियां, मुझे मालूम है, पानी कहां ठहरा होगा।' दुष्यंत जी की ये पंक्तियां किसान और सरकार के फैसले को लेकर बड़ी…
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दूसरे सूबे की ख़बरें

‘ट्रेजर’ की दुख की यात्रा 28 को…

“भारतीय किसान कर्ज में ही जन्म लेता है और उसी स्थिति में मर जाता है” 'दुख की यात्रा' एक संकल्पनात्मक नाटक है, जो किसानों की खुदकुशी पर आधारित है ।…
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माटी की खुशबू

क्या एक किसान हमारा राष्ट्रपति बन सकता है?

पुष्यमित्र तस्वीर रूपक के फेसबुक वाल से साभार। वे भी इस तस्वीर में नजर आ रहे हैं। इन दिनों देश अपने नये राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर उत्सुक है। हालांकि…
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अतिथि संपादक

जानिए मशरूम की खेती का आसान तरीका

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारे देश का अन्नदाता बदहाल है, लेकिन सरकारें खुशहाल । कोई किसानों की कर्जमाफी का वादा करता है तो कोई बिजली का बिल माफ करने का भरोसा देता…
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