मीडिया से ज्यादा गांव में ‘फील गुड’-सुधीर सुंदरियाल

एक अच्छी नौकरी और अच्छा घर हर किसी का सपना होता है, इसके लिए अपना घर-बार छोड़ गांव से बड़ी

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जीरो बजट खेती और सरकारी सोच

पुष्यमित्र/बही खाता वालों ने किसानों से जीरो बजट खेती करने कहा है। उन्हें क्या जीरो बजट का हिन्दी नहीं मिला?

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किसानी छोड़ मजदूर बनने को मजबूर अन्नदाता

ब्रह्मानंद ठाकुर लाईन जब कट गया तब बदरुआ,  फुलकेसरा और बटेसर अप्पन-अप्पन टिन हीं छिपा खेत के आडी पर रख

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किसानों के लिए सरकारी सब्सिडी का छलावा और घोंचू भाई का दर्द

ब्रह्मानंद ठाकुर मनकचोटन भाई के दलान पर आज की बतकही  का  मुद्दा सरकारी किसान चौपाल का था। बात यह थी

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हाइब्रिड बीज का मायाजाल और किसानों की दुर्दशा

ब्रह्मानंद ठाकुर मनकचोटन भाई के दलान पर सांझ होते ही हमेशा की तरह  आज भी टोला के लोगों का जुटान होने

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किसानों के ‘हमदर्द’ मंत्रीजी का गणित गड़बड़ है

ब्रह्मानंद ठाकुर आज मनकचोटन भाई के दलान पर खूब गहमागहमी है।  बटेसर, परसन कक्का , चुल्हन भाई, धरीच्छन,  बिल्टू उस्ताद,

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