मीडिया से ज्यादा गांव में ‘फील गुड’-सुधीर सुंदरियाल

एक अच्छी नौकरी और अच्छा घर हर किसी का सपना होता है, इसके लिए अपना घर-बार छोड़ गांव से बड़ी

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वक्त ने मंदरा को मार डाला… मनु की यादों में आज भी जिंदा है

पौड़ी: गांव के बुजुर्ग गुजर गए तो उनके साथ-साथ अनूठा हुनर भी जाता रहा। जैसे, हमारे गांव में कभी ये

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‘हिंगोश’ का दिलचस्प किस्सा

ये बात अक्सर कही जाती है, आवश्यकता आविष्कार की जननी है। जैसे ये लकड़ी है। यूँ तो यह किसी पेड़

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12 हज़ार फीट की ऊंचाई पर बसे दांतू गांव की ‘अन्नपूर्णा’

अशोक पांडे के फेसबुक वाल से हिमालय की गोद में बसी एक ऐसी घाटी जहां पहुंचने के लिए आपको करीब

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कहीं उजड़ न जाए 35 परिवारों का गांव फयाटनोला

बी डी असनोड़ा सीएम हरीश रावत के पड़ोस और नेता प्रतिपक्ष की विधानसभा सीट में है एक गांव फयाटनोला। आज

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बागेश्वर के गरुड़ से ओलंपिक तक

बी डी असनोड़ा पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर कलाम ने कहा था कुछ बनना है तो बड़े सपने देखा करो। उनकी बातों

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‘जनता की राजधानी’, ये लड़ाई इतनी आसान भी नहीं

पुरुषोत्तम असनोड़ा उत्तराखण्ड की ‘जनता की राजधानी’ के नाम से विख्यात गैरसैंण में 2 नवम्बर से आयोजित विधान सभा सत्र

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गैरसैंण का मुकद्दर अमरावती सा क्यों नहीं?

पुरुषोत्तम असनोड़ा उत्तर और दक्षिण में सचमुच अंतर है। न केवल जलवायु, भाषा और संस्कृति का बल्कि कार्य पद्धति का

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स्कूलों में न हो सूट-बूट का हव्वा- जनकवि गिर्दा

पुरुषोत्तम असनोड़ा इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद बहस चल रही है कि सबको सामान शिक्षा मिले। नेता, अधिकारी, कर्मचारी

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