Tag archives for आदिवासी

बिहार/झारखंड

विकास के दावों के बीच पानी ढोना ही जहां ज़िन्दगी है !

विकास के बड़े दावों के बीच देश के आदिवासी क्षेत्रों में पानी के रंग कुछ ऐसे है। ये आदिवासी किसान रोजमर्रा की ज़रूरत को कोसों पथरीली सड़क पर नंगे पांव…
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मेरा गांव, मेरा देश

क्या जंगलों में आदिवासियों का होना अच्छे पर्यावरण का प्रतीक नहीं?

शिरीष खरे शिरीष खरे की बतौर पत्रकार यात्रा की ये पांचवीं किस्त है। मेलघाट का अनदेखा सच पाठकों तक शिरीष की नजरों से पहुंच रहा है। उनकी विचार यात्रा में…
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माटी की खुशबू

क्या एक किसान हमारा राष्ट्रपति बन सकता है?

पुष्यमित्र तस्वीर रूपक के फेसबुक वाल से साभार। वे भी इस तस्वीर में नजर आ रहे हैं। इन दिनों देश अपने नये राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर उत्सुक है। हालांकि…
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‘डायन’ बता कर मत करना ‘मर्डर’

-पुष्यमित्र के फेसबुक वॉल से विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर मैंने फेसबुक पर कई मित्रों के शुभकामना संदेश देखे। कुछ साथी यह बताते रहे कि आज भी भारत में आदिवासियों…
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