एपी यादव

ड्रीम कैचर के निर्देशक संतोष शिवम, अभिनेता धर्मेंद्र के साथ

आम इंसान हो या फिर खास, गरीब या फिर अमीर हर किसी में एक समानता जरूर होती है और वो है ड्रीम यानी सपना। वो सपना जो जिंदगी में कुछ करने की प्रेरणा देता रहता है। सपने और वास्तविकता के बीच हम जीवन भर जूझते रहते हैं। जो अपने सपनों पर काबू करना सीख लेता है, वही बनता है ‘ड्रीम कैचर’। हम बात कर रहे हैं फिल्म ‘ड्रीम कैचर’ और उनके युवा निर्देशक संतोष शिवम की।

ड्रीम कैचर की शूटिंग इन दिनों गुड़गांव में चल रही है। बॉलीवुड के हीमैन यानी धर्मेंद्र पहली बार किसी शॉर्ट फिल्म में काम कर रहे हैं।ऑस्ट्रेलियाई सुपर स्टार लिंकन भी इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में हर किरदार का अपना सपना है और वो उसे पूरा करने की जद्दोजहद में लगा रहता है। ड्रीम कैचर में अभिनेत्री का किरदार निभा रही हैं 2016 में मिस वर्ल्ड फिजी रहीं पूजा प्रियंका। ड्रीम कैचर की शूटिंग पहले सिडनी में होनी थी लेकिन ऑस्ट्रेलियाई सरकार की वीजा पाबंदी के बाद डायरेक्टर संतोष शिवम ने फिल्म की शूटिंग अपने देश में ही करने का फैसला किया। ड्रीम कैचर में डायरेक्टर और अभिनेता धर्मेंद्र को छोड़ दें तो ज्यादातर कलाकार हॉलीवुड से जुड़े हैं।

मिस वर्ल्ड फिजी पूजा प्रियंका, फिल्म ड्रीम कैचर में अभिनय कर रही हैं।

फिल्म के डायरेक्टर संतोष शिवम की माने तो ड्रीम कैचर का कॉन्सेप्ट पूरी तरह नया और यूनिक है। यही वजह है कि फिल्म का कॉन्सेप्ट संतोष शिवम ने जैसे ही अभिनेता धर्मेंद्र के सामने रखा वो फिल्म में काम करने के लिए तैयार हो गए। फिल्म के प्रोड्यूसर ऑस्ट्रेलियन हैं और उन्हें भी ये कॉन्सेप्ट बेहद पसंद आया। ‘ड्रीम कैचर’ हमारे और आपके सपनों और वास्तविक जीवन के अंतर्द्वंद्व से गहरा नाता रखती है।

ड्रीम कैचर बतौर डायरेक्टर संतोष की पहली डेब्यू फिल्म भी कही जा सकती है। पूर्णिया जैसे छोटे से शहर के बाशिंदे संतोष पिछले करीब 17 सालों से मुंबई में डटे हैं। सपनों का पीछा करने की ये जिद और जुनून ही है कि बॉलीवुड में उन्होंने अपने पांव जमाए हैं। उन्होंने बतौर एसोसिएट डायरेक्टर कई हिट फिल्मों की टीम का हिस्सा रहे हैं। यमला पगला दीवाना पार्ट-1, लाल सलाम, एक से बुरे दो,  अंकूर अरोड़ा मर्डर केस, बॉलीवुड टू हॉलीवुड जैसी फिल्मों के सेट पर संतोष ने काफी कुछ सीखा है। संतोष शिवम ने शेखर कपूर, संजय खान, संजय छैल, समीर कार्नि, महेश भट्ट जैसे नामचीन डायरेक्टरों के साथ काम करते हुए फिल्म मेकिंग का जो अनुभव हासिल किया है, अब उसे आजमाने का वक्त है।

आस्ट्रेलिया के एक्टर लिंकन, फिल्म ड्रीम कैचर में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

करीब 17 साल पहले बिहार के पूर्णिया से संतोष मायानगरी मुंबई आए तो थे एक्टर बनने का सपना लेकर लेकिन वक्त और हालात की वजह से वो फिल्म प्रोडक्शन और तकनीक से जुड़ गए। अपनी फिल्म ‘ड्रीम कैचर’ के सिलसिले में संतोष शिवम इन दिनों गुड़गांव आए हुए हैं। संतोष शिवम बचपन से ही जिद्दी और अपने काम के प्रति लगनशील रहे हैं । संतोष साल 1993-94 के आसपास पूर्णिया में थिएटर से जुड़ गए थे। उन दिनों NSD की टीम पूर्णिया गई हुई थी । अखिलेश खन्ना और आलोक चटर्जी जैसे थिएटर के मंझे हुए अभिनेताओं के सान्निध्य ने  संतोष की जिंदगी का रूख ही बदल दिया। वर्कशॉप के दौरान उन्हें कमेंट मिला कि ये लड़का एक बेहतरीन प्लेयर है। संतोष बताते हैं कि ‘प्लेयर’ शब्द सुनकर उस रात उन्हें नीद नहीं आई और अगले दिन उन्होंने अखिलेश खन्ना से सवाल कर दिया कि आखिर आप के प्लेयर कहने के पीछे अभिप्राय क्या है। अखिलेश जी मुस्कराए और संतोष की पीठ थपथपाते हुए कहा कि तुम्हारी जगह पूर्णिया में नहीं मुंबई में हैं। स्नातक की पढ़ाई पूरी होते ही संतोष ने बॉलीवुड का रुख किया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

मायानगरी में बिना संघर्ष के जगह नहीं मिलती। संतोष के जीवन में काफी उतार-चढ़ाव आए। संतोष को छोटी-मोटी नौकरी करके भी गुजर-बसर करना पड़ा, लेकिन संतोष ने ठान लिया था कि वो अपने सपने (डायरेक्टर बनने का) को पूरा किये बिना दम नहीं लेंगे। संतोष बताते हैं कि उनके मन में बस एक ही बात आती रही कि या तो इस शहर से उनकी लाश जाएगी या फिर वो कुछ बनकर जाएंगे। खाली हाथ नहीं लौटना है। संतोष कहते हैं कि शुरुआत के दो साल तक तो ये समझने में लग गया कि आखिर बॉलीवुड है क्या? और जब समझा तो फिर पीछे संघर्ष के पथ पर चलता गया। फिल्म ‘ड्रीम कैचर’ संतोष के सपने का सच होने जैसा है और संतोष के साथ ही उनके चाहनेवालों की दुआएं भी हैं कि फिल्म पूरी हो और सपना हकीकत में तब्दील हो जाए।


एपी यादव। उत्तरप्रदेश के जौनपुर के निवासी। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र। इन दिनों इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सक्रिय।

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