निखिले कुमार दुबे के फेसबुक वॉल से साभार

दीवाली के बाद ईश्वर का पथगमन
घर से निकाले गए फुटपाथ मे बैठे भगवान
चुनरी जो ईश्वर का श्रृंगार थी
अब सड़क का विकार है
काफी जल गयीं
जो बच गयीं,वो सड़क के किनारे बंध गयीं

मंदिर जो भगवान का घर था
उसे भी फेंक दिया
पेड़ ने लाज रख ली
शायद कल यहां कोई मंदिर बन जाये
पर तब भी ये सारे भगवान न होंगे
एक दानपात्र,पुजारी और ट्रस्ट होगा
फिर दीवाली आएगी फिर
भगवान को वनवास मिलेगा