वीरेन नंदा

साल 2018 का 11 वां “अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति-सम्मान” कश्मीरी अवाम की पीड़ा को व्यक्त करने वाली पुस्तक ” सिसकियाँ लेता स्वर्ग ” को दिए जाने की घोषणा हुई है । सिसकियां लेता स्वर्ग के लेखक निदा नवाज ने आतंक, डर और जटिल परिस्थितियों में आम कश्मीरी की पीड़ा को निर्भीकता से हिन्दी में व्यक्त किया है । निदा नवाज आतंक के खिलाफ़ हिन्दी में लिखने वाले वे गैर हिन्दी भाषी के रूप में अकेले लेखक हैं।

निदा नवाज़ ने अपनी और अपने जैसे उन तमाम कश्मीरियों की पीड़ा को इस पुस्तक में बहुत ही गहरे रूप में व्यक्त किया है, जो न आतंकियों के साथ हैं, न पत्थरबाजों के और न ही पुलिस या सेना की कार्रवाइयों से कोई मतलब रखने वाले, फिर भी वे इन सबों का जुल्मोसितम झेलने को अभिशप्त हैं। निदा नवाज लिखित ‘सिसकियां लेता स्वर्ग’ किसी भी पाठक को कश्मीर के अवाम की पीड़ा को महसूस करता है साथ ही छुप-छुप कर, डर-डर कर कागज़ के टुकड़ों, अपने बीमार बच्चे के प्रिस्क्रिप्शन और किताबों के हाशिये पर लिख-लिख कर पूरी की गई इस पुस्तक को पढ़ते वक्त कोई भी संवेदनशील व्यक्ति सिहर जाएगा ।

लेखक निदा नवाज़

3 फरवरी 1963 को काश्मीर के पुलवामा में जन्मे निदा नवाज मनोविज्ञान, हिन्दी, उर्दू और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की है । निदा नवाज़ ने अपनी बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए हिन्दी सीखी और कश्मीर विश्वविद्यालय से हिन्दी में स्नातकोत्तर किया। पिछले 27 सालों से आकाशवाणी श्रीनगर केन्द्र में काम कर रहे हैं। हिन्दी, उर्दू, कश्मीरी और अंग्रेजी में समान रूप से लिखने वाले निदा नवाज़ की अबतक तीन पुस्तकें ‘अक्षर अक्षर रक्त भरा’ , ‘बर्फ और आग’ एवं ‘सिसकियाँ लेता स्वर्ग’ आ चुकी है।

अयोध्या प्रसाद खत्री सम्मान के लिए निदा नवाज़ लिखित “सिसकियाँ लेता स्वर्ग” का चयन तीन सदस्यीय चयन-समिति ने किया, जिनमें प्रो.वीर भारत तलवार, प्रो.रवीन्द्र कुमार ‘रवि’ एवं वीरेन नंदा हैं। यह सम्मान नवंबर माह में आयोजित सम्मान समरोह में प्रदान किया जाएगा। अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति-सम्मान अब तक कृष्ण बलदेव वैद (2008), पत्रिका : ‘तद्भव’, सं. अखिलेश (2009), शेखर जोशी (2010), डॉ.तुलसीराम (2011), डॉ.रोज केरकेट्टा (2012), अनिल यादव (2013), सुधीर विद्यार्थी (2014), डॉ.विनय कुमार (2015), पत्रिका : ‘समयांतर’ , सं. पंकज बिष्ट (2016) एवं वाल्टर भेंगरा ‘तरुण’ (2017) को दिया गया है।


वीरेन नन्दा/ बाबू अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति समिति के संयोजक। खड़ी बोली काव्य -भाषा के आंदोलनकर्ता बाबू अयोध्या प्रसाद खत्री पर बनी फिल्म ‘ खड़ी बोली का चाणक्य ‘ फिल्म के पटकथा लेखक एवं निर्देशक। ‘कब करोगी प्रारम्भ ‘ काव्यसंग्रह प्रकाशित। सम्प्रति स्वतंत्र लेखन। मुजफ्फरपुर ( बिहार ) के निवासी। आपसे मोबाइल नम्बर 7764968701 पर सम्पर्क किया जा सकता है।