1. राफ़ेल विमानों की ख़रीद के लिए भारत और फ्रांस के बीच सितंबर 2017 में समझौता हुआ
2. करार के मुताबिक भारत ने फ्रांस से 36 राफेल विमानों का सौदा किया है
3. विमान की ख़रीद की प्रक्रिया यूपीए सरकार ने साल 2010 में शुरू की थी. साल 2012 से लेकर साल 2015 तक इसे लेकर बातचीत चलती रही।
4. फ़्रांस की कंपनी डासो एविएशन के साथ राफेल का सौदा । डासो कंपनी के सीईओ एरिक ट्रैपियर हैं।
5. फ्रांस की मीडियापार्ट के मुताबिक डासो एविएशन ने ऑफसेट साझीदार के तौर पर अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को चुना।
6. लड़ाकू विमानों को भारत में बनाने के लिए पहले सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था. यह काम उसे डासो के साथ मिलकर करना था, लेकिन बाद में इस कॉन्ट्रैक्ट को रिलायंस डिफेंस को दे दिया गया.
7. फ़्रांस भारत की सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स को टेक्नॉलजी ट्रांसफ़र करने को लेकर तैयार नहीं था
8. एविएशन वीक की एक रिपोर्ट के अनुसार पहला रफ़ायल भारत के पास 2019 के आख़िर में आएगा और बाक़ी के 35 रफ़ायल 60 महीनों के भीतर आ जाएंगे।
9. 36 राफेल विमानों में 28 सिंगल सीट एयरक्राफ़्ट हैं जबकि 8 दो सीटों वाले हैं।