बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर

बिहार के मुजफ्फरपुर में बंदरा प्रखंड में अपने हक के लिए गांव वाले सड़क पर उतर आए हैं । पिरापुर-मधैया सड़क निर्माण की मांग को लेकर  गुरुवार को लोगों ने विरोध मार्च निकाला । अजय कुमार ठाकुर, केदार मेहता ने हरी झण्डी दिखा कर पदयात्रा को रवाना किया। “पिरापुर-बरियारपुर भाया मधैया चौक सड़क निर्माण संघर्ष समिति” के अध्यक्ष महेंद्र राय के नेतृत्व में यह पदयात्रा पीरापुर खादी भंडार से मधैया चौक होते हुए बरियारपुर तक पहुंची। इस दौरान  जगह-जगह पर नुक्कड़ सभाएं भी आयोजित की गई। नुक्कड़ सभा को सम्बोधित करते हुए संयोजक विष्णुदेव सिंह ने कहा की यह सड़क प्रखंड के उत्तरी क्षेत्र को पिलखी पुल से जोड़ने के लिए लाईफ लाईन है, लेकिन विभागीय उपेक्षा के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पर रहा है।

इस रास्ते से बरियारपुर से पिलखी पुल की दूरी मात्र चार किलोमीटर है। जर्जर सड़क के कारण लोगों को चार किलोमीटर की दूरी के बजाये आठ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। 4 पंचायतों के सैकड़ों लोग सड़क निर्माण की मांग को लेकर करीब 10 किमी तक मार्च किया और मधैया में एक सभा आयोजित कर एक सामूहिक मांग पत्र पर हस्ताक्षकर किए गए और उसे मुख्यमंत्री नितीश कुमार को सौंपने का फैसला किया गया । चूकि सीएम साहब जांगर गांव में आ रहे हैं लिहाजा गांव वालों के लिए अपनी आवाज पहुंचाने का इससे बेहतर अवसर नहीं था ।इस पदयात्रा में पीरापुर गांव के मुखिया गुड्डू कुमार , सिमरा के मुखिया पवन कुमार, नूनफारा के मुखिया फूल कुमारी देवी, बड़गांव के मुखिया शंभू साह, सचिव विन्देश्वर राय समेत करीब 10 गांव के लोग शामिल हुए ।