बदलाव प्रतिनिधि, बुंदेलखंड

पिछले दिनों मध्य प्रदेश में किसानों ने प्रदर्शन किया । पुलिस की गोलियां खाईं । सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उपवास किया । विरोधीदलों ने सत्याग्रह । फिर भी कुछ नहीं बदला । चंद घंटों के उपवास के दौरान शिवराज सिंह ने किसानों की खूब तारीफ की । एमपी के किसानों को मेहनती और संघर्षशील बताया लेकिन उसकी अन्नदाता की खून-पसीने की कमाई शिवराज सरकार के राज में खुले आसमान के नीचे पड़ी है और उसे पूछने वाला कोई नहीं है । शिवराज सरकार ने किसान के प्याज के लिए कुछ इस तरह इंतजामात किये हैं कि प्याज रेल पटरी और खुले आसमान के नीचे रखा गया है। मालगाड़ी से आया ये प्याज सुरक्षित गोदाम की जगह रेलवे पटरी की शोभा बढ़ा रहा है।  मॉनसून एमपी में किसी भी वक्त दस्तक दे सकता है या यूं कहें कि इंद्रदेवता की जब तक मेहरबानी है तब तक तो प्याज रेलवे ट्रैक पर कुछ हद तक तो सुरक्षित हैं लेकिन अगर यही हाल रहा तो सैकड़ों कुंटल प्याज सड़ जाएगी ।