उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के गरुड़ निवासी भारतीय एथलीट नितिन रावत ने मुंबई मैराथन दूसरी बार जीत ली है. जीत के साथ नितिन ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिये क्वालीफाई कर लिया. नितिन ने 2017 में इस मैराथन में रजत भी जीता था. जब उन्हें जकार्ता एशियाड के लिए नहीं चुना गया था तो ये ओलंपियन निराश था. लेकिन हिम्मत नहीं हारी. परिणाम सामने है. अब नितिन लंदन मैराथन में भाग लेने भी जा रहे हैं. लंदन मैराथन 29 जनवरी को है. उत्तर-प्रदेश के रायबरेली की सुधा सिंह ने भी महिला वर्ग का गोल्ड मेडल जीता है. सुधा भी वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिये क्वालीफाई कर गयी हैं.

नितेंद्र सिंह रावत और सुधा । बीच में कोच सुरेंद्र भंडारी।

नितिन और सुधा दोनों सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से हैं. दोनों कड़े संघर्ष के बाद इस मुकाम तक पहुंचे हैं. इन दोनों और भारतीय एथलेटिक्स टीम के कोच सुरेंद्र भंडारी तो और भी पिछड़े इलाके और बेहद गरीब परिवार से आते हैं. सुरेंद्र भंडारी के नाम 3 हजार और 10 हजार मीटर की दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है.


बी डी असनोड़ा, वरिष्ठ पत्रकार