जौनपुर का बड़वारे गांव-बिजली के खेल में कई ‘झटके’ हैं!

जौनपुर का बड़वारे गांव-बिजली के खेल में कई ‘झटके’ हैं!

टीम बदलाव

उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में जुटे सीएम योगी आदित्यनाथ की हर मुमकिन कोशिश है कि हर घर को बिजली पहुंचायी जाए। पुलिस महकमे को जिम्मेदार बनाया जाय। समाज सुरक्षित रहे और लोगों के घरों में रौशनी रहे। इसके लिए योगी सरकार हर दिन नये फरमान सुना रही है। 2018 तक हर घर बिजली पहुंचाने के लक्ष्य के लिए सरकार ने जनता से अपील की है कि बिजली चोरी रोकिये ताकि 24 घंटे बिजली पहुंच सके। बिजली चोरी रोकना बिजली विभाग के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है, क्योंकि इनमें मिलीभगत बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की ही होती है। इसको समझने के लिए हम आपको जौनपुर जिले के मुफ्तीगंज ब्लॉक में आने वाले ग्राम बड़वारे के रहने वाले एक उपभोक्ता की आपबीती बताते हैं।

बड़वारे गांव के निवासी संतोष कुमार यादव, पिछले एक दशक से ज्यादा वक्त से बिजली विभाग के वैध उपभोक्ता हैं। उनकी शिकायत ये है कि आज उनके घर अंधेरा छाया रहता है। आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों ने जबरन उनका बिजली का कनेक्शन काट दिया और तार भी उठा ले गए।

संतोष यादव की माने तो बिजली सप्लाई का ये सारा विवाद तब शुरू हुआ जब गांव के ही रहने वाले राम नारायण यादव ने नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की प्रक्रिया शुरू करवाई। रामनारायण यादव ने संतोष यादव को बताया कि मैंने 11 हजार बोल्ट की नई लाइन पास कराई है जिसके लिए बगल में नया ट्रांसफॉर्मर लगेगा और आप यहीं से अपना कनेक्शन ले लीजिएगा। लिहाजा संतोष यादव ने नया ट्रांसफार्मर लगने तक का इंतजार किया लेकिन जब ट्रांसफार्मर लगा तो राम नारायण यादव कनेक्शन देने में आनाकानी करने लगे।

लिहाजा संतोष यादव ने जब इसकी शिकायत बिजली विभाग से की तो बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मुआयना किया तो जो बात सामने आई वो काफी हैरान करने ली थी। पता चला कि 11 हजार बोल्ट के घरेलू कनेक्शन की बिजली विभाग से कोई परमिशन ही नहीं ली गई है और ना ही बिजली विभाग ने कोई नया ट्रांसफार्मर अलॉट किया है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर बिना बिजली विभाग की जानकारी के कैसे अवैध कनेक्शन खींचा गया और ट्रांसफार्मर किसकी मिलीभगत से अवैध तरीके से दिया गया। दूसरा सवाल ये ही संतोष यादव के घर तक जो तार खींचा गया ता वो तार बिना बिजली विभाग की इजाजत और जानकारी कैसे हटा दिया गया, हटाया गया तो वो तार कहां गया?

बहरहाल बिजली विभाग की तफ्तीश में ये तो साफ हो गया कि ट्रांसफार्मर अवैध तरीके से लगाया गया है लिहाजा बिजली विभाग के आलाधिकारियों ने कर्मचारियों को ट्रांसफार्मर का कनेक्शन तुरंत काटने और संतोष की लाइन जोड़ने का निर्देश दिया। कहा ये भी जा रहा है कि जब बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें डरा धमका कर भगा दिया। इसके बाद बिजली विभाग ने बकायादा पुलिस बल के लिए कोतवाल केराकत को निर्देश दिया और पर्याप्त पुलिस की मांग की। कई दिन तक संतोष यादव बिजली विभाग और कोतवाली केराकत के चक्कर काटते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

संतोष यादव ने टीम बदलाव के साथियों से संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई जिसके बाद टीम बदलाव ने जौनपुर के युवा समाजसेवी विकास तिवारी से संतोष की मदद करने की अपील की। इस बीच बदलाव की ओर से बिजली विभाग और कोतवाल केराकत से संपर्क किया। सबसे पहल अधीक्षण अभियंता विनोद गुप्ता के मोबाइल नंबर पर फोन मिलाया गया । विनोद गुप्ता को पूरे मामले की जानकारी थी और उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से जांच कर ली गई है और कोतवाल केराकत से पुलिसबल की मांग की गई है। कोतवाल केराकत सिद्धार्थ मिश्रा के मोबाइल नंबर पर फोन किया गया। कोतवाल केराकत से जब पूरे मामले के बारे में बताया गया तो उन्हें ट्रांसफॉर्मर के इस पूरे प्रकरण में कोई गैरकानूनी हरकत नहीं दिखी। ये दो सरकारी विभागों के बीच की खींचतान की बानगी थी। 

इस बीच एसपी जौनपुर से संपर्क किया गया और उनको पूरे मामले की जानकारी दी गई। साथ ही इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और बिजली विभाग के आदेश की कॉपी जिलाधिकारी जौनपुर, मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम स्पीड पोस्ट किया गया। मामला बढ़ता देख रामनारायण ने खुद ब खुद अपना ट्रांसफार्मरउतरवा लिया है, लेकिन संतोष यादव का कनेक्शन अब भी नहीं जुड़ा है।

 

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