उपन्यास जनेऊ का विमोचन कार्यक्रम। मंच पर पद्मश्री रमाकांत शुक्ल, प्रोफेसर ओपी शर्मा और अन्य गणमान्य
उपन्यास जनेऊ का विमोचन कार्यक्रम। मंच पर पद्मश्री रमाकांत शुक्ल, प्रोफेसर ओपी शर्मा और अन्य गणमान्य

23 जुलाई को युवा पत्रकार और लेखिका कीर्ति दीक्षित के पहले उपन्यास जनेऊ का विमोचन किया गया। दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में उपन्यास जनेऊ के विमोचन समारोह में शिक्षाविद और वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर ओपी शर्मा, प्रो.गिरीश झा , पद्म श्री रमाकांत शुक्ल , डा.सरोजिनी प्रीतम और अन्य विद्वान मौजूद रहे। यह उपन्यास बुन्देलखण्ड की आंचलिक पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह उपन्यास कथामात्र न होकर एक ऐसी मनोवृत्ति है, जो धीमे जहर की भाँति समाज को निगलती जा रही है। गाँव की सरल सहज गलियों में असमानता, घृणा एवं आवेश के ऐसे विष का समावेश हो गया है, जो प्रतिपल इस धरती को रक्तरंजित करने में लगा है। प्रस्तुत कथा एक ऐसे सवर्ण युवक गोकरन की है, जो समाज के नियमों में असहाय खड़ा, अपना सर्वस्व समाप्त होते देखता है। उसके पिता हल्केराम जो आजीवन समाजहित के लिए, अपना सर्वस्व न्यौछावर करने को तत्पर रहे, अन्ततः अपमान की ज्वाला उन्हें लील जाती है। गरीबी एवं समाज के कुप्रपंचों में परिवार समाप्त प्राय हो जाता है, तब उस युवक के मन में घृणा एवं निर्लिप्तता के कैसे भाव जन्म लेते हैं, इसका सजीव दृश्यांकन है।
अनुराधा प्रकाशन से प्रकाशित ये पुस्तक पाठकों के लिए http://www.amazon.in/dp/9385083503 पर भी उपलब्ध है।


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