इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र में 9 फरवरी से एक खास प्रदर्शनी ‘सिनेमा एक कहानी: बी. डी. गार्गा अभिलेखागार’ शुरू हुई। प्रसार भारती के अध्यक्ष, डॉ. ए. सूर्यप्रकाश ने इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय एवं सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी की उपस्थिति में इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। 11, मानसिंह रोड के प्रदर्शनी हॉल में लगी यह प्रदर्शनी 23 फरवरी तक आम लोगों के लिए सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रतिदिन खुली है।

पंजाब में जन्मे, श्री भगवान दास गार्गा भारत के अग्रणी सिनेमा इतिहासकार एवं निर्माता- निर्देशक रहे हैं। चलचित्र के लिए उनका आकर्षण पहले उन्हें बंबई, और फिर लंदन, पेरिस और मॉस्को तक ले गया। राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार के संस्थापकों में से एक, श्री गार्गा को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के साथ ही और कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र के मीडिया सेंटर में आयोजित ये प्रदर्शनी गार्गा के भारतीय सिनेमा में योगदान के प्रति समर्पित है। दर्शकों को सिनेमा की उनकी यात्रा से परिचित कराने का यह एक प्रयास है। दर्शक चित्रों के माध्यम से 1913 से शुरु हुई सिनेमा की अनवरत यात्रा से रू- ब- रू हो पाएंगे। प्रदर्शनी में कई जगह ऑडियो- वीडियो के माध्यम से भी उस दौर को जीवंत करने की कोशिश की गई है। जानी मानी शोधकर्ता एवं फिल्मकार अनंदना कपूर, इस प्रदर्शनी की क्यूरेटर हैं जिन्होंने मीडिया सेंटर के नियंत्रक, डॉ. गौतम चटर्जी के साथ मिलकर इस प्रदर्शनी की परिकल्पना की है। इस प्रदर्शनी को और रोचक बनाने के लिए इसे अलग अलग खंडों, जैसे फिल्मिस्तान, तमाम रंगीन आदि नामों में बांटा गया है जहां गुज़रे ज़माने की फिल्मों की कुछ झलकियां दिखाई गई हैं।

इसके साथ ही 13 फरवरी से 17 फरवरी तक शाम 4 बजे से एक व्याख्यान माला का आयोजन किया गया है, जहां हर दिन विशिष्ट व्याख्याता सिनेमा से जुड़े अलग अलग पहलुओं के बारे में बात करेंगे।