टीम बदलाव

उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं ये पिछले 48 घंटों में सूबे की जनता ने देख लिया । सोनभद्र हो या फिर संभल या बरेली कहीं भी बदमाशों को पुलिस का खौफ नहीं है । आलम ये है कि रामराज्य की परिकल्पना के साथ सत्ता में आई बीजेपी सरकार में जंगल राज कायम होता जा रहा है । यूपी में बदमाश इतने बेखौफ हैं कि IAS अफसरों को भी निशाना बनाने लगे हैं । पिछले दिनों 2 जुलाई को संभल के CDO रवि प्रताप यादव पर फैजाबाद में एक ढाबे के पास जानलेवा हमला किया गया । लाठी, डंडे और हथियारों से लैस बदमाशों ने IAS अफसर रवि प्रताप यादव पर अचानक हमला बोल दिया, जिसमें रवि प्रताप को गंभीर चोट आई है, रवि प्रताप से जब इस बारे में बात हुई तो उन्होंने बताया कि –

वो अपने गृहजनपद से लखनऊ के लिए परिवार के साथ निकले थे, फैजाबाद के पास प्रिंस नाम के एक ढाबे पर खाने के लिए रुके, परिवार खाना खा रहा था तभी रवि प्रताप के नंबर पर एक करीबी का फोन आया और वो ढाबे से बाहर निकलकर बात करने लगे, तभी अचानक पीछे से कुछ लोगों ने उनपर लाठियां बरसानी शुरू कर दी, रवि बताते हैं कि जब तक वो कुछ समझ बाते तब तक उनके पैर पर 4 लाठी पड़ चुकी थी, हालांकि जैसे ही वो पीछे मुड़े एक शख्स की लाठी उनके हाथ आ लगी, उसी दौरान उन्होंने हमलावर से लाठी छोड़कर पलटवार किया और जैसे ही एक हमलावर को चोट लगी बाकी वहां से भाग निकले, रवि प्रताप ने बताया कि उस दौरान हमलावरों के साथ कुछ ऐसे लोग भी नजर आए जिनके हाथ में हथियार था, खैर हमलावरों को ठिठकता देख रवि प्रताप ढाबे की तरफ भागे और वहां मौजूद अपने जानकारों को ये बात बताई, लेकिन जब तक सभी लोग हमलावरों की तलाश में पीछे की ओर गए वो सभी भाग निकले ।

रवि ने इस वारदात की सूचना पुलिस के आलाधिकारियों को दी और पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है, पुलिस आरोपियों की सक्रियता से तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक कोई भी आरोपी पकड़ा नहीं गया है ।हालांकि रवि प्रताप का कहना है कि उनके ऊपर हुआ ये हमला गैरइरादतन था या फिर योजना बद्ध तरीके से किया गया, इस बारे में कुछ भी कह पाना मुश्किल है, लेकिन जिस तरह एक आईएएस अधिकारी पर जानलेवा हमला हुआ है उससे उनका पूरा परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है ।रवि प्रताप बतौर सीडीओ संभल में तैनात हैं, लेकिन पैर में गंभीर चोट की वजह से डॉक्टर्स ने उन्हें आराम की सलाह दी है । इससे पहले रवि प्रताप 2017 में बतौर सिटी मजिस्ट्रेट मथुरा और फैजाबाद में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट भी तैनात रह चुके हैं ।