10 अगस्त तक बढ़ गई फ़सल बीमा की मियाद

radhamohan 2सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फ़सल का बीमा कराने की अंतिम तिथि दो दिन बढ़ा कर 10 अगस्त 2016 किया । वहीं सरकार ने फसल बीमा प्रीमियम को लेकर भ्रम और संशय की स्थिति को भी दूर कर दिया है। कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने बताया कि फसल बीमा का प्रीमियम जोखिम के हिसाब से तय होते है। राज्यावार बीमा प्रीमियम में अंतर आ सकता है। जहां ज्यादा जोखिम होगा वहां प्रीमियम दर ज्यादा होगी और कम जोखिम वाले क्षेत्रों में प्रीमियम दर कम।

यूपी में जहां कम जोखिम होने के कारण बीमा कंपनियों ने औसत न्यूनतम प्रीमियम दर 2.46 से 6.91 फीसदी तक तय किया है। वहीं झारखंड में जोखिम यूपी से ज्यादा होने की वजह से यहां औसत न्यूनतम प्रीमियम दर 10.34 से 17.03 फीसदी है। गुजरात में 9.40 से 14.10, महाराष्ट्र में 12.58 से 29.37 प्रतिशत है। बिहार में 15 साल से फसल बीमा क्षतिपूर्ति दावों का औसत करीब 20 फीसदी रहा है। प्रीमियम दर पिछले दस साल में हुए नुकसान के आकलन के आंकड़ों पर निर्भर है। प्रीमियम का ज्यादा अंश सरकार को ही बहन करना पड़ता है। केंद्र सरकार ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि बीमा कंपनियों के चयन की निविदा राज्य सरकार ही देती है। केंद्र का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है।

सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन ।
सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन ।

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